
निरोगी काया अभियान फाइल फोटो
छतरपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बागेश्वर धाम में आयोजित कार्यक्रम में जिन निरोगी काया अभियान का जिक्र किया गया था, वह जिले में लापरवाही की भेंट चढ़ता हुआ नजर आ रहा है। इस अभियान का उद्देश्य जिले के 6.82 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच करना था, लेकिन अब तक केवल 30742 लोगों की जांच हो सकी है, जो कुल लक्ष्य का महज 4.5 प्रतिशत है। यह अभियान 31 मार्च तक चलना है, और अब तक के आंकड़े देखते हुए अभियान पर सवाल उठ रहे हैं।
निरोगी काया अभियान का उद्देश्य 30 साल और उससे अधिक उम्र के हर व्यक्ति का फ्री हेल्थ चेकअप करना था। इसके तहत डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और फैटी लिवर जैसी बीमारियों की विशेष स्क्रीनिंग की जा रही है। साथ ही, हर व्यक्ति का हेल्थ डाटा बैंक तैयार किया जा रहा है, जिसमें उनकी बीमारियों का विस्तृत ब्यौरा होगा। चेकअप रिपोर्ट को 24 घंटे के भीतर एनसीडी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
हालांकि, अब तक केवल 30742 लोगों की जांच हो पाई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने 6.82 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य रखा था। यह अभियान अब तक का सबसे बड़ा अभियान माना जा रहा था, और इसमें विशेष रूप से घर-घर जाकर लोगों की जांच करने का निर्णय लिया गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव-गांव और शहर-शहर में जाकर हेल्थ चेकअप की सुविधा दी थी, लेकिन संख्या में उम्मीद के मुताबिक वृद्धि नहीं हो पाई है।
इस अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग ने आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर स्क्रीनिंग करने के लिए निर्देशित किया था। इसके अलावा, विशेष हेल्थ कैंप भी लगाए जाने थे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा जा सके। इसके बावजूद जांच का दायरा सीमित ही रहा है। अभियान में प्रयुक्त होने वाले उपकरण जैसे बीपी मॉनिटर, ग्लूकोमीटर और टेस्ट स्ट्रिप्स की सुविधाएं आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिकों पर उपलब्ध थीं।
इस अभियान के तहत ब्लड शुगर टेस्ट से डायबिटीज का पता, बीपी मशीन से हाई ब्लड प्रेशर की जांच और अल्ट्रासाउंड या अन्य टेस्ट से लिवर में फैटी स्थिति का पता किया जा रहा था। हालांकि, इन सुविधाओं का सही उपयोग न हो पाने और प्रचार-प्रसार की कमी के कारण परिणाम बहुत कम रहे हैं। जबकि 23 फरवरी को बागेश्वर धाम में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान की गति बढ़ाने का सुझाव दिया था। उन्होंने कहा था कि इस तरह के स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों का आयोजन व्यापक स्तर पर किया जाना चाहिए ताकि हर व्यक्ति का चेकअप सुनिश्चित किया जा सके।
अब एक माह का समय शेष है और विभाग के सामने 6.50 लाख लोगों की जांच का चैलेंज है। यह स्थिति इस अभियान की सफलता पर सवाल खड़ा कर रही है, लेकिन विभाग इसे पूरा करने के लिए पूरी तरह से जुटा हुआ है। यदि इस अभियान में तेजी लायी जाती है तो उम्मीद की जा सकती है कि स्वास्थ्य विभाग का यह महत्वपूर्ण अभियान अपने उद्देश्य तक पहुंच सकेगा, और जिले के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
हमने स्वास्थ्य अमले को जांच की गति को तेज करने के निर्देश दिए हैं ताकि निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचा जा सके।
डॉ. आरपी गुप्ता, सीएमएचओ
Published on:
05 Mar 2025 10:39 am
बड़ी खबरें
View Allछतरपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
