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दीपक रावत
लवकुशनगर. माध्यमिक शाला नांद में एक शिक्षक पिछले दो वर्ष से गैरहाजिर है। शिक्षक द्वारा अनेकों बार शाम तो कभी सुबह आकर खिड़कियों व दरवाजों में मारकर से हस्ताक्षर कर दिए जाते है। प्रधानाध्यापक सहित अन्य शिक्षकों ने बहुत बार समझाइस दी लेकिन शिक्षक का रवैया नही बदला। हैरानी की बात तो यह है कि उक्त शिक्षक के विरुद्ध अभी तक वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नही की गई। विद्यालय में दर्ज 141 छात्रों में पांच शिक्षक पदस्थ है जिसमें एक के गैरहाजिर होने से शैक्षणिक व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है।
दरवाजों व खिड़कियों में कर दिए हस्ताक्षर
स्कूल में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक सीएल पटेल द्वारा संस्था में लगातार अनुपस्थित रहते हुए कभी-कभार विद्यालय बंद होने के उपरांत आकर दरवाजों व खिड़कियों में मार्कर पेन से हस्ताक्षर किए जाते है। अभी तक इनके द्वारा सैकड़ों बार हस्ताक्षर किए गए है। इनके द्वारा कई बार कागज के टुकड़ों में हस्ताक्षर व विद्यालय की चाबी न होने का लेख कर उसे कार्यालय के दरवाजे से नीचे डाल दिया जाता है, जिसको प्रधानाध्यापक द्वारा संकलित कर फाइल में लगा दिया जाता है। यही नही कई कागज के टुकड़ों में हस्ताक्षर कर दरवाजों व खिड़कियों में चस्पा किया है। शिक्षक की इस हरकत को देख जहा शाला प्रबंधन हदप्रद है तो वहीं ग्रामीण भी हैरान है। शिक्षक द्वारा ऐसा एक बार नही लगातार किया जा रहा है।
समझाइस का नही हुआ असर
प्रधानाध्यापक सीएल प्रजापति ने बताया कि उक्त शिक्षक को मेरे द्वारा कई बार समझाइस दी गई। संकुल प्राचार्य सहित बीईओ द्वारा भी समझाने के प्रयास किए गए किन्तु शिक्षक ने अपने रवैये को नही बदला। 24 मार्च 2021 को निवर्तमान प्राचार्य डॉ पीके अग्रवाल द्वारा व्यवस्था के तहत शिक्षक को यहा से हटाकर संकुल कार्यालय सरवई सम्बद्ध कर दिया था लेकिन वहां भी पूरे शैक्षणिक सत्र में शिक्षक अपनी ड्यूटी से नदारत रहा। हैरान परेशान होकर प्राचार्य ने उक्त शिक्षक को 30 अप्रेल 2022 को माध्यमिक विद्यालय नांद वापस भेज दिया गया। जहा वह आज तक गैरहाजिर है।
परिजन भी है परेशान
शिक्षक के द्वारा लगातार किए जा रहे इस आचरण से उनके परिजन हलाकान हो रहे है। कई बार शिक्षक को उसके पुत्र द्वारा विद्यालय लाया गया लेकिन कुछ मिनटों में ही वह नदारत हो गया। शिक्षकों ने बताया कि अभी हाल ही में शिक्षक का पुत्र कुबेर उसे विद्यालय लाया था। लेकिन आने के पांच मिनट बाद ही शिक्षक कही चला गया जबकि उसका पुत्र दोपहर 2 बजे तक इंतजार करता रहा। परिजनों ने बताया कि हम बहुत परेशान हो चुके है।
इनका कहना है
शिक्षक के लगातर अनुपस्थित होने के कारण उसकी वेतन नही दी जा रही है। साथ ही समस्त जानकारी डीईओ कार्यालय भेजी जा चुकी है। वहा से क्या कार्रवाई प्रस्तावित हुई है इसकी जानकारी हमे नही है।
आरके गुप्ता, संकुल प्राचार्य सरवई
Published on:
12 Nov 2022 04:02 pm
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