छतरपुर. 28 लाख रूपए के सरकारी गेहूं को रातोंरात चोरी करने के मामले में संदिग्ध आरोपी भाजपा नेता महादेव खटीक और लक्ष्मी रोड लाइन्स के सूर्यप्रताप सिंह ने एडीएम कार्यालय में कारण बताओ नोटिस का जवाब प्रस्तुत कर दिया है। इन दोनों पर आरोप है कि इनकी मिलीभगत से 4 मई को जिले की डिकोली और लखनगुवां सोसायटी से निकाला गया 3 ट्रक सरकारी गेहूं छतरपुर के सौंरा रोड पर स्थित एक निजी गोदाम में छिपा दिया गया था। 20 दिन बाद इस गेहंू की भनक लगने पर मामले ने तूल पकड़ा था। अब इस मामले में उक्त दोनों आरेापियों के साथ-साथ सरकारी गेहूं लादकर ले जाने वाले ट्रकों के मालिक व सौंरा रोड पर जिस दुकान में गेहूं छिपाया गया था उसके मालिक के विरूद्ध भी नोटिस जारी किया गया है।
ये है मामला
जानकारी के मुताबिक किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन करने वाली लखनगुवां और डिकौली सोसायटी से 4 मई 2023 को परिवहन ठेकेदार सूर्यप्रताप सिंह मेसर्स भाग्य लक्ष्मी रोड लाइन्स रीवा के द्वारा तीन ट्रकों से 2600 बोरी सरकारी गेहूं उठाकर शासकीय गोदाम में जमा कराया जाना था चूंकि सूर्यप्रताप सिंह के द्वारा परिवहन ठेके का यह काम अपने प्रतिनिधि महादेव खटीक को पेटी ठेके के आधार पर दिया गया है। 4 मई को 2600 बोरी यानि 1300 गेहूं जिसकी अनुमानित कीमत 27 लाख 62 हजार रूपए है इसे महादेव खटीक के द्वारा बिट्टू जैन के ट्रकों से उठवाकर सौंरा रोड पर स्थित बब्बल नामक व्यक्ति के प्राइवेट गोदामों में चुपचाप रखवा दिया गया। गेहूं सरकारी वेयर हाउस में नहीं पहुंचा लेकिन 20 दिनों तक किसी को इसकी भनक नहीं लगी। ऐसा लगता है कि जैसे मिलीभगत से 27 लाख के इस गेहूं को चोरी करने की तैयारी थी लेकिन तभी परिवहन ठेकेदार के प्रतिद्वंदियों ने इसका शोर मचा दिया। 24 मई को इस मामले में प्रशासन एक्शन में आया। एडीएम ने नागरिक आपूर्ति निगम को जांच के लिए निर्देशित किया। नागरिक आपूर्ति निगम और प्रशासनिक टीम ने संयुक्त रूप से सौंरा रोड की प्राइवेट दुकान में रखे गेहूं को जब्त किया और फिर कार्यवाही के लिए एक प्रतिवेदन बनाकर एडीएम को भेज दिया था
हो सकती है एफआइआर
इस मामले में एडीएम नम: शिवाय अरजरिया के द्वारा दो लोगों के खिलाफ 26 मई को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। जिनमें परिवहन ठेकेदार सूर्यप्रताप सिंह और भाजपा नेता महादेव खटीक का नाम था। उक्त दोनों आरेापियों ने अपने जवाब प्रस्तुत कर दिए हैं। अब दो अन्य लोगों ट्रक मालिक बिट्टू जैन एवं निजी दुकान के मालिक बब्बल को भी नोटिस जारी किए गए हैं। चारों जवाब मिलने के बाद यदि प्रशासन इनसे संतुष्ट नहीं हुआ तो इनके विरूद्ध एफआइआर हो सकती है।
इनका कहना है
परिवहन ठेकेदारों ने अपने जवाब प्रस्तुत किए हैं। इस मामले में अब दो और लोगों की भूमिका पाए जाने पर भी उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। सभी के जवाब मिलने पर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
नम: शिवाय अरजरिया, एडीएम, छतरपुर