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अब मच्छर, दीमक, काकरोच, चूहा मारने की दवाओं को बेचने के लिए लेना होगा लाइसेंस

कृषि विभाग द्वारा लाइसेंस लेने पर ही भंडारण व विक्रय का मिलेगा अधिकार१५ दिन के अंदर आवेदन नहीं करने वाले विक्रेताओं पर होगी कार्रवाई

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new rules

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छतरपुर। गली मोहल्ले के किरानों दुकानों में मिलने वाले मच्छर, दीमक, काकरोच, चूहों को मारने की दवा अब हर दुकान पर नहीं मिलेगी। घरेलू कीटनाशक जेट,मेट,बेगान मास्किटो क्वाईल्स आदि को विक्रय करने के लिए सरकार ने नए नियम बना दिए हैं। नए नियम के तहत जेट-मेट और बेगान जैसे घरेलू कीटनाशकों के विक्रय के लिए अब लाइसेंस लेना जरुरी कर दिया गया है। घरेलू कीटनाशकों का प्रबंधन कीटनाशी अधिनियम 1968 के अन्तर्गत किया गया है। कीटनाशी अधिनियम 1968 के तहत अब बिना वैध लाइसेंस के इन सामग्रियों का विक्रय किया जाना अपराध है। इन कीटनाशकों के विक्रय करने वाले थोक व फुटकर दुकानदार आदि को विक्रय के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
अलग भंडारण भी जरुरी
कृषि विभाग के अधिकारी केएस परिहार ने बताया कि, विक्रेताओं को विक्रय लाइसेंस प्राप्त कर विक्रय परिसर में चस्पा करना भी अनिवार्य है। इसके साथ ही इस प्रकार के घरेलू कीटनाशक खाद्य सामग्री से अलग भण्डारित किया जाना तथा विक्रय एवं भण्डारण स्थल को सार्वजनिक किया जाना भी अनिवार्य किया गया है। कोई भी व्यक्ति या संस्था बिना लाइसेंस प्राप्त किए घरेलू कीटनाशक विक्रय करते पाए जाने पर कीटनाशी अधिनियम के अंतर्गत दण्डात्मक कार्यवाही का पात्र होगा। विक्रेताओं से अपील की गई है कि वे सक्षम अधिकारी से लाइसेंस प्राप्त करने के उपरांत ही कीटनाशकों का व्यवसाय करें। लाइसेंस के लिए निर्धारित फीस के साथ आवेदन प्रस्तुत करने पर जिले के उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास द्वारा लाइसेंस जारी किया जाता है।
फ सल ऋ ण योजना को बंद करने का कोई प्रस्ताव नही
किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फ सल ऋण उपलब्ध करवाने की योजना को बंद होने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जबकि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। कोऑपरेटिव बैंक छतरपुर के जीएम मुकेश जैन का कहना है कि, सहकारिता विभाग को ऐसा कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। राज्य में किसान कल्याण प्राथमिकता से किया जा रहा। ऐसी दशा में इस तरह की बात महज अफ वाह है। योजनाओं के लिए आवश्यक बजट प्रावधान भी किया गया है।