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पत्रिका रक्षा कवच अभियान से लोगों ने जाना, साइबर ठगो से बचने के लिए क्या-क्या जानकारी रखना गोपनीय

इस अभियान के तहत जिले भर में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें साइबर अपराध और ठगी से बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

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raksha kavach

पत्रिका रक्षा कवच के साथ युवा

छतरपुर. आज के डिजिटल युग में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और इनसे बचने के लिए जरूरी जानकारी की कमी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। इसे ध्यान में रखते हुए छतरपुर पत्रिका द्वारा आयोजित रक्षा कवच अभियान में लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इस अभियान के तहत जिले भर में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें साइबर अपराध और ठगी से बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

साइबर ठगी से बचने के तरीके बताए


अभियान के तहत विशेषज्ञों ने आम लोगों को साइबर ठगों के द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले विभिन्न तरीके समझाए और उनसे बचने के उपाय बताए। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन ठगी के कई तरीके हो सकते हैं, जैसे कि फर्जी कॉल, फर्जी लिंक के जरिए व्यक्तिगत जानकारी चोरी करना, या फिर बैंकिंग ऐप्स के माध्यम से संवेदनशील जानकारी प्राप्त करना।

ये सावधानियां जरूरी

  1. कभी भी किसी अजनबी से व्यक्तिगत जानकारी न साझा करें। यह जानकारी फोन कॉल, ईमेल या संदेशों के जरिए मांगी जा सकती है, लेकिन ठग किसी भी परिस्थिति में इसे प्राप्त करने की कोशिश करेंगे।2.ऑनलाइन लेन-देन करते वक्त पिन, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील जानकारी को गोपनीय रखें। बैंकिंग ट्रांजेक्शन करते समय किसी अन्य व्यक्ति के पासवर्ड या एटीएम पिन को न बताएं।
  2. अजनबी लिंक पर क्लिक न करें। फर्जी वेबसाइटों के जरिए ठगों द्वारा लिंक भेजे जाते हैं, जिन पर क्लिक करके आप अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा कर सकते हैं।
  3. सिक्योर वेबसाइटों से ही खरीदारी करें। केवल वे वेबसाइटें जिनके एचटीटीपीएस शामिल हो, सुरक्षित मानी जाती हैं।
  4. स्मार्टफोन और कंप्यूटर की सुरक्षा अपडेट रखें। सुरक्षा सॉफ़्टवेयर और एंटीवायरस को नियमित रूप से अपडेट रखें ताकि किसी भी नए खतरे से बचा जा सके।

आधिकारिक नंबर से सत्यापन करना जरूरी


अभियान के दौरान यह भी बताया गया कि कभी भी किसी बैंक, सरकारी विभाग, या अन्य किसी प्रतिष्ठित संस्था से फोन आने पर उनसे संपर्क करने से पहले पहले उस संगठन के आधिकारिक नंबर पर कॉल करके सत्यापन करना चाहिए। यही नहीं, किसी भी व्यक्तिगत जानकारी को केवल वेबसाइट या एप्लीकेशन के जरिए ही साझा करना चाहिए, जहां सुरक्षा की गारंटी हो।

साइबर क्राइम से लडऩे के लिए कानूनी सहायता


अभियान में यह भी बताया गया कि यदि कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाए, तो उसे तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। साइबर क्राइम से संबंधित कई कानून हैं जो ठगों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं। लोगों को यह जानकारी दी गई कि वे साइबर ठगी के मामलों में पुलिस और कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

समाज में जागरुकता बहुत जरूरी


इस अभियान में छतरपुर जिले के विभिन्न सरकारी और निजी संस्थाओं के प्रतिनिधि, स्कूलों के छात्र-छात्राएं और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में एक विशेष सत्र का आयोजन भी किया गया, जिसमें पत्रिका प्रतिनिधि ने उपस्थित लोगों से सीधे संवाद किया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए, समाज में जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियानों से ही लोग अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझ पाते हैं, और साइबर ठगों से बचने के लिए जरूरी कदम उठाते हैं। इस अभियान ने छतरपुर के नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति गंभीर होने और अपने डेटा की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रेरणा दी। अब लोग अधिक सतर्क और जागरूक होकर साइबर ठगी से बचने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे।

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