छतरपुर. केन बेतवा लिंक परियोजना के तहत डूब क्षेत्र में जा रही वन भूमि के बदले राजस्व भूमि वन विभाग को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया हो चुकी है। अब भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआइआइ) के लैंडस्केप मैनेजमेंट प्लान के मुताबिक तय होगा कि भूमि पर कहां, कितने और किस प्रजाति के पौधे रोपे जाएंगे। इस भूमि पर पौधारोपण के लिए कैंपा फंड के 3900 करोड़ रुपए दिए गए हैं। जबकि 1200 करोड़ और दिए जाएंगे।
केंद्र सरकार ने वर्तमान बजट में नदी जोड़ो परियोजना के तहत 3500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। परियोजना में पन्ना टाइगर रिजर्व की छह हजार 17 हेक्टेयर भूमि डूब रही है। इसमें 4141 हेक्टेयर भूमि कोर एरिया की है। ऐसे में पार्क के वन्यप्राणियों को दूसरे स्थान पर सुरक्षित बसाने के लिए कोर एरिया को विस्तार देने की योजना है। इसके लिए पार्क से सटे 21 गांवों को विस्थापित किया जाएगा।
13125 खेती की जमीन और 6017 हेक्टेयर जंगल डूबेंगे
केन-बेतवा लिंक परियजोना में 13125 हेक्टेयर उपजाऊ खेती योग्य भूमि और 6017 हेक्टेयर जंगल डूबेंगे। राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण के अधीक्षण अभियंता एससी अवस्थी ने बताया है कि ढोढऩ बांध में 2473 हेक्टेयर और दूसरे फेज में लोअरउर परियोजना में 857 हेक्टेयर, कोथा बैराज में 681 हेक्टेयर तथा बीना कांप्लेक्स में कुल 9114 हेक्टेयर खेती योग्य जमीन प्रभावित होगी।
ढोढऩ बांध में डूबेंगे 10 गांव
केन-बेतवा लिंक परियोजना में बनाए जा रहे ढोढऩ बांध में 10 गांव डूब जाएंगे। इसके अलावा परियोजना के दूसरे चरण में 7 गांव डूबेंगे। यानी कुल 17 गांव डूब क्षेत्र में शामिल हैं। यह भी बताया है कि पहले चरण में 8339 हेक्टेयर एवं दूसरे चरण में 2945 भूमि प्रभावित होगी। परियोजना में कुल 11284 ग्रामीण प्रभावित होंगे। अभिकरण ने यह भी कहा है कि इन गांवों के लोगों को अभी कहीं विस्थापित नहीं किया गया है। व्यवस्थापकों को मुआवजा 2013 के अधिनियम के तहत दिया जाएगा।
वन क्षतिपूर्ति के साथ कोर एरिया का होगा विस्तार
परियोजना के मुख्य बांध ढोढऩ में पन्ना टाइगर रिजर्व की 6017 हेक्टेयर वन भूमि डूब रही है, जिसमें कोर एरिया की 4141 हेक्टेयर भूमि शामिल है। इसकी भरपाई के लिए प्लान तैयार किया गया है। इस प्लान के तहत पन्ना और छतरपुर जिले के गांव कटहरी-बिल्हारा, कोनी, मझौली, गहदरा, मरहा, खमरी, कूडन, पाठापुर, नैगुवां, डुंगरिया, कदवारा, घुघरी, बसुधा की 4396 हेक्टेयर भूमि चिंहित की गई है। ये गांव पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर जोन में स्थित है, जिसे अब कोर एरिया में परिवर्तित किया जाएगा। इसके अलावा 1621 हेक्टेयर वन भूमि के एवज में 3242 हेक्टेयर राजस्व जमीन छतरपुर जिले में चिंहित की गई है। इस भूमि पर वनीकरण किया जाएगा।
पन्ना टाइगर रिजर्व से जुड़े 21 गांव हो रहे प्रभावित
केन बेतवा लिंक परियोजना के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा 31 जनवरी को जारी हुई भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना के मुताबिक ढोढऩ में बनने वाले मुख्य बांध के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व के 21 गांव प्रभावित होंगे। जिसमें छतरपुर के 14 और पन्ना जिले के 7 गांव प्रभावित होंगे। 10 गांव बांध के डूब क्षेत्र में प्रभावित हो रहे हैं, जबकि वन भूमि की क्षतिपूर्ति में पन्ना जिले के 7 और छतरपुर जिले के 6 गांव मिलकार 13 गांव प्रभावित होंगे। डूब व वन भूमि क्षति पूर्ति में दो गांव की जमीन कॉमन होने से कुल प्रभावित गांव की संख्या 21 हो रही है।
फैक्ट फाइल
परियोजना की लागत- 44605 करोड़ रुपए
केन बेसिन से उप्र में सिंचाई – 2.27 लाख हेक्टेयर
केन बेसिन से मप्र में सिंचाई – 4.47 लाख हेक्टेयर
बेतवा बेसिन से मप्र में सिंचाई – 2.06 लाख हेक्टेयर