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15 दिन बाद भी पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई, पुलिस में अभी मात्र मर्ग है कायम

पीएम रिपोर्ट में बताया गया धारदार हथियार से हत्या करने की बात

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Police does not act but remains mere morgue

Police does not act but remains mere morgue

छतरपुर। बमीठा थाना क्षेत्र अंतर्गत सतना गांव के पास सड़क पर ४ व ५ सितम्बर को अज्ञात आरोपियों युवक की धारदार हथियार से हमला कर दिया था। जिससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना के बाद युवक के ट्रैक्टर का चालक द्वारा अपने परिचितों के साथ घटना स्थल पर पहुंचकर युवक को गंभीर हालत में इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र बमीठा और जिला अस्पताल लाया गया था। जहां पर इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया गया । जिसमें धारदार हथियार से गुप्तांग में वार कर हत्या करने की बात सामने आई है। लेकिन इस मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध लग रही है। मामले में पुलिस ने मृतक के भाई द्वारा दिए गए एफआईआर के लिए आवेदन को भी नहीं लिया और न ही एफआईआर दर्ज की गई। मृतक के परिजनों द्वारा पुलिस अधीक्षक को भी आवेदन सौपकर न्याय की गुहार लगाई गई लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिससे परिजन खासे सदमें में हैं।
गौरतलब है कि
बमीठा थाना क्षेत्र अंतर्गत बरेठी गांव निवासी विश्वनाथ सिंह (3६) पिता पर्वत सिंह ४ सितम्बर को अपने ट्रैक्टर में नए टायर डलवाने के लिए छतरपुर गया था। इसके लिए ट्रैक्टर चालक रामू यादव ट्रैक्टर को लेकर गया था और विश्वनाथ अपने बाइक पर गया था। छतरपुर से दो टायर लेकर शाम को मड़तला गांव के स्टैंड पर ट्रैक्टर के टायर बदली कराए और विश्वनाथ बाइक पर और चालक रामू ट्रैक्टर लेकर घर ओर निकले। तभी अज्ञात आरोपियों ने विश्वनाथ पर हमला कर दिया। गंभीर हालत में ट्रैक्टर चालक रामृ और उसके साथियों द्वारा विश्वनाथ को १०८ एंबुलेंस द्वारा स्वास्थ्य केंद्र बमीठा लाया गया। जहां पर हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल के लिए भेज दिया गया। जहां पर रात करीब दो बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थे। इसकी सूचना रामू ने मृतक के परिजनों और पुलिस को दी गई जिसमें विश्वनाथ का एक्सीडेंट होने की बात कही गई थी। मौके पर पहुंची ने शव का पंचनामा कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। परिजनों का कहना है की पीएच रिपोर्ट में धारदार हथियार से हत्या की बात सामने आने की बाद कही जा रही है।

ट्रैक्टर चालक जताया संदेह
घटना में घायल युवक को ट्रैक्टर चालक रामू द्वारा एंबुलेंस के माध्यम से स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां पर उसका इलाज किया गया। लेकिन इलाज के दौरान रात करीब २ बजे विश्वनाथ की मौत हो गई। लेकिन रात साड़े ११ बजे घटना की जानकारी होने के बाद भी चालक द्वारा घटना की जानकारी परिजनों को दी। वहीं मृतक के परिजनों द्वारा भी ट्रैक्टर चालक रामू हत्या करने की आशंका जताई थी।

मारपीट के मामले में था गवाह
मृतक के भाई लक्ष्मन ने बताया कि उसका भाई विश्वनाथ गांव के ही एक प्रजापति परिवार के साथ करीब एक वर्ष पहले हुई मारपीट के मामले में गवाह था। वह मामला कोर्ट में चल रहा है। इसी को लेकर बुधवार को ही कोर्ट द्वारा २६ को पेशी का नोटिस आया था।

नहीं लिया आवेदन
मृतक के भाई लक्ष्मन ने बताया कि घटना के दूसरे दिन उन्होंने थाना पहुंचकर थाना में थाना प्रभारी को आवेदन दिया था। जिसमें मामला दर्ज करने की बात कही गई थी। लेकिन उन्होंने आवेदन लेने से साफ मना कर दिया और अभी तक मामले में मात्र मर्ग ही कायम कर जांच की बात कही जा रही है।

दी जा रही थी जान से मारने की धमकी
विश्वनाथ मारपीट के मामले में प्रमुख गवाह था। जिसको लेकर गांव के ही कुछ दबंगों द्वारा उसे कई बार घर आकर और रास्ते में रोककर गवाही नहीं देने का दवाव बनाया जा रहा था। लेकिन जब विश्वनाथ ने दबंगों की बात पर हामी नहीं भरी तो फिर विश्वनाथ को लोगों द्वारा जान से मारने की धमकियां भी दी गई। लेकिन फिर भी विश्वनाथ ने गवाह से अपना नाम वापस नहीं लिया।
इनका कहना है
शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ चुकी है। अभी मामला में मर्ग कायम कर अपने तरीके से जांच कर रहे हैं। पीएम रिपोर्ट में क्या है इसकी जानकारी नहीं दे सकते है।
प्रशांत मिश्रा थाना प्रभारी बमीठा

इनका कहना है
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ चुकी जिसमें एक्सीडेंट होना की बात सामने आई है। इस मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलाया किया जाएगा।
विनीत खन्ना एसपी छतरपुर