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छतरपुर

धनतेरस के दिन पुलिस की दादागिरी आई सामने, निर्दोष को पीटा

कोतवाली में पदस्थ सिपाही ने युवक से की सरेराह मारपीटघुवारा में मामूली बात पर मुंशी ने की महिला के साथ मारपीट

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छतरपुर/घुवारा। जिला मुख्यालय व घुवारा चौकी इलाके में पुलिस कर्मचारियों पर निर्दोष लोगों से मारपीट करने के मामले सामने आए हैं। छतरपुर में गाड़ी टकराने पर युवक और घुवारा में फुटपाथ पर दुकान लगाने वाली महिला से पुलिसकर्मचारियों ने मारपीट कर दी। कोतवाली में पदस्थ सिपाही संतराम अहिरवार ने एक युवक को सरेराह पहले सड़क पर पीटा और फिर उसके विरूद्ध थाने में एफआईआर दर्ज कराते हुए बाइक जब्त करा दी।वहीं, एक दूसरे मामले में घुुवारा चौकी में पदस्थ एक मुंशी ने एक गरीब महिला के साथ गाली-गलौज कर मारपीठ कर दी। जिसके बाद आक्रोशित लोंगो ने सागर-टीकमगढ़ रोड़ पर चक्काजाम कर दिया। घण्टों तक यह जाम लगा रहा और मोके पर स्थिति को संभालने के लिए तहसीलदार सुनील वर्मा तथा डीएसपी पंकज मिश्रा पहुंचे। बड़ी मिन्नतों के बाद आक्रोशित लोग सड़क से हटे तब कहीं आवागमन शुरु हुआ।

एसपी से हुई शिकायत
शिकायतकर्ता देवेन्द्र श्रीवास तनय सुंदरलाल श्रीवास निवासी ग्राम सौंरा थाना ओरछा रोड ने बताया कि विगत रोज वह अपने छोटे भाई दीपेन्द्र के साथ गौतमनगर कॉलोनी सौंरा रोड पर दूध लेने जा रहे थे तभी सामने से एक बाइक पर कोतवाली में पदस्थ आरक्षक संतराम अहिरवार के दोनों पुत्र सिद्धार्थ अहिरवार, सचिन अहिरवार एवं उनकी बहू आ रहे थे। एक बाइक पर सवार उक्त तीनों लोगों का संतुलन बिगड़ा और इनकी गाड़ी मेरी बाइक में जाकर टकरा गई। टक्कर के बाद संतराम अहिरवार के दोनों बेटों ने हम लोगों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और मारपीट करने लगे। इसके तुरंत बाद अपने पिता संतराम अहिरवार को फोन लगा दिया। पिता संतराम वर्दी पहनकर अपने आरक्षक साथी तोमर के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और हम लोगों के साथ बुरी-बुरी गालियां देते हुए मारपीट करने लगे और गाड़ी जब्त कर कोतवाली ले गए। देवेन्द्र ने पुलिस अधीक्षक को शिकाययत में बताया कि हादसा दो बाइकों के बीच हुआ है और संतराम अहिरवार के दोनों बेटे एवं बहू तीन लोग बाइक पर सवार थे तो यातायात नियमों के हिसाब से कार्यवाही उनके विरूद्ध होनी चाहिए, हमारे साथ मारपीट की गई हमने इस बात की भी रिपोर्ट दर्ज करानी चाही लेकिन कोतवाली में पदस्थ एसआई जेपी प्रजापति ने भी हमें गालियां दीं और कहा कि संतराम कोतवाली में पदस्थ हैं उनके खिलाफ कोई एफआईआर नहीं हो सकती। अब पीडि़त परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सिपाहियों के विरूद्ध कार्यवाही करने की मांग उठाई है।

लोगों ने लगाया जाम
जानकारी के अनुसार गुरुवार की दोपहर करीब 1 बजे घुवारा चौकी में पदस्थ मुंशी धनीराम तिवारी कस्बा में भ्रमण के लिए पहुंचे थे और इसी दौरान फुटपाथ पर दुकान लगाने वाली विमला पत्नी विनोद असाटी से उनकी कहा-सुनी हो गई। यह कहा-सुनी इतनी बढ़ी कि बात गाली-गलौज और मारपीट तक जा पहुंची। मुंशी ने तैश में आकर महिला के साथ जमकर मारपीट कर दी। मारपीट के बाद विमला ने आरोप लगाए कि उसकी कोई भी बातचीत मुंशी से नहीं हुई। वे सीधे दुकान पर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। जब उसने विरोध किया तो उन्होंने उसके साथ मारपीट कर दी। इतना ही मुंशी ने उसकी दुकान की समाग्री को भी अस्त व्यस्त कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद महिला ने अपने परिजनों सहित अन्य लोगों के साथ सागर-टीकमगढ़ रोड़ पर चक्काजाम कर दिया। बाद में महिला ने घुवारा चौकी पहुंच कर मुंशी धनीराम तिवारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। मौके पर मौजूद रहे भगवां थाना प्रभारी पंकज मिश्रा ने बताया है जो भी हुआ है वह दु:खद है। जल्द ही जांच के बाद दोषी के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।