
भूमिपूजन करते हुए
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री द्वारा हिंदू ग्राम बसाने की घोषणा के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स हैंडल पर लिखा यदि संविधान धर्म के आधार पर गांव बसाने की इजाजत देता है, तो उन्हें भी मुस्लिम, ईसाई और सिख ग्राम बसाने की अनुमति दी जाए। हफीज ने यह बात धीरेंद्र शास्त्री के उस ट्वीट के जवाब में कही जिसमें उन्होंने घोषणा की थी कि बागेश्वर धाम गढ़ा में देश का पहला हिंदू गांव बसाया जाएगा, जिसमें करीब 1000 हिंदू परिवार रहेंगे। उन्होंने इस गांव का भूमिपूजन भी कर दिया है।
कांग्रेस प्रवक्ता की इस टिप्पणी पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए मीडिया में बयान जारी किया कि देश का विभाजन पहले भी स्वीकार नहीं था, अब भी नहीं है। पाकिस्तान की बात करने वालों को अब कुचला जाएगा, जमीन में दफना दिया जाएगा। रामेश्वर ने कहा हिंदू ग्राम की परिकल्पना सुरक्षा, संस्कृति और सम्मान के लिए है। यहां बहन-बेटियां स्वतंत्रता से घूम सकेंगी, देशभक्ति को बढ़ावा मिलेगा। अगर कोई तिरंगे का अपमान करता है या सेना पर पत्थर फेंकता है, तो कार्रवाई होगी। लेकिन किसी निर्दोष को डरने की जरूरत नहीं।
इस मामले में कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मुकेश नायक ने भी धीरेंद्र शास्त्री पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि अगर धर्म के आधार पर गांव बसाने की बात है, तो पीएम से मिलकर संविधान में संशोधन करवा लें। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी धीरेंद्र शास्त्री को एक नया साम्प्रदायिक हथियार बना रही है, जैसे पहले उमा भारती और ऋतंभरा को इस्तेमाल किया गया। नायक ने कहा धीरेंद्र शास्त्री एक संत हैं, उन्हें भाजपा कार्यकर्ता की भूमिकानहीं निभानी चाहिए।
पूरी बहस हिंदू गांव के लिए बुधवार को धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भूमिपूजन करने और बयान पर शरू हुई। शास्त्री ने कहा, हिंदू राष्ट्र का सपना हिंदू घर से शुरू होता है। पहले हिंदू समाज, फिर हिंदू ग्राम, फिर तहसील, जिला और अंत में हिंदू राष्ट्र बनेगा। उन्होंने घोषणा की कि इसी महीने से देशभर में कट्टर हिंदू अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए बागेश्वर धाम से टीमें रवाना हो चुकी हैं।
Published on:
06 Apr 2025 10:34 am
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