
छतरपुर। अब गर्भवती महिलाओं व धात्री माताओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत लाभांवित किया जाएगा। इसको लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ किशन के संचालक ने दिशा- निर्देश जारी कर दिए हैं। इसकी जिम्मेदारी एएनएम को सौंपी गई। जिससे कि १ जनवरी २०१७ से लागू की गई इस योजना का लाभ प्रत्येक हितग्राही को मिल सके।
मिशन संचालक एक विश्वनाथन द्वारा जारी किए गए पत्र में बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का क्रियांवयन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा किए जाने का नीतिगत निर्णय लिया गया है। जिसके तहत समस्त आउटरीज एएनएम द्वारा अपने अधीनस्थ ग्रामों की ऐसी महिलाओं का चिंहाकंन करना होगा जो १ जनवरी २०१७ से लागू की गई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पात्रता रखती हैं। समस्त गर्भवती महिलाएं एवं धात्री माताएं एक जनवरी २०१७ की स्थिति में निर्धारित शर्तो को पूरी करती हैं वे इस योजना के लिए पात्र होंगी। वहीं समस्त शासकीय, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (केंद्र व राज्य शासन) के गर्भवती एवं धात्री कर्मचारियों को तथा ऐसी महिलाओं जिन्हें किसी कानून के तहत समान लाभ प्राप्त हो उन्हें इस योजना के बाहर रखा गया है। एएनएम द्वारा अपने अधीनस्थ ग्रामों की पात्र हितग्राहियों का विवरण पांच जनवरी तक संकलित किया जाएगा। इसके बाद ६ से १० जनवरी तक एएनएम द्वारा आशा कार्यकर्ता को संकलित सूची दी जाएगी। ताकि हितग्राही से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज का संकलन किया जा सके। इसके बाद आशा कार्यकर्ता द्वारा आवश्यक दस्तावेज संकलित कर १० से १५ जनवरी तक एएनएम को सौंपे जाएंगे। वहीं १५ से २० जनवरी तक एएनएम द्वारा आधार कार्ड में वर्णित नाम एवं पते की पुष्टि कर संलग्न पुनरीक्षित कर आरसीएच प्रपत्र में आवेदन भरेंगी। २२ से २७ जनवरी तक भरे हुए आवेदनों को लेखा प्रबंधक को सौंपा जाएगा।
इस तरह मिलेगा लाभ
किश्त शर्त राशि
प्रथम गर्भावस्था के शीघ्र पंजीयन कराने पर (१५० दिन के अंदर) १०००
द्वितीय गर्भावस्था के छह माह तक (एक प्रसवपूर्व जांच के बाद) २०००
तृतीय नवजात शिशु के जन्मोंपरांत पंजीयन कराने पर २०००
Published on:
04 Jan 2018 05:15 pm
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