
qawwali muqabla in chhatarpur
छतरपुर. हजरत सैय्यदा असगरी आपा हुजूर के 21वें उर्स के तीन दिवसीय उर्स का मंगलवार की सुबह कुल की फातहा के साथ समापन हो गया। उर्स में शामिल होने को लेकर अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी रही। इस दौरान अदबी कव्वाली का आयोजन किया गया। रात भर कव्वाली का सिलसिला चलता रहा। उर्स के अंतिम दिन मुख्य अतिथि के रूप में कांग्रेस नेता आलोक चतुर्वेदी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे शहर की खुशबू पूरे देश में जाती है। आपा हुजूर की दरगाह में आने वाले सभी धर्मों के लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कहा कि एकता और भाईचारा के साथ रहकर ही शहर का विकास होगा।
इस दौरान कव्वाल आमिल आरिफ साबरी मेरठ ने रूठने का सबब तो वो जाने, हम तो मशरूफ हैं मनाने में... सुना कर सभी को भावविभोर कर दिया। उन्होंने हिन्दू मुस्लिम एकता पर शायरी पढ़ी। हिन्दू का लहू हो या मुस्लमान का दोनों ने ही अपना खून वतन के खातिर लुटाया है। हमें लडऩा है अभी देश के गद्दारों से, हाथों से तलवार न गिरने पाए, आपने क्या ऐसा मंजर देखा है जख्मी हो शंकर तो अहमद खून देता है।
कव्वाल तौसीफ कादरी बैंगलोर ने अपने कलाम पेश करते हुए कहा कि ऐसी फिजा बनाओ मेरे देशवासियों हिन्दू का घर जले तो मुस्लमान रो पड़े। सरबरे अमबिया ताजदारे हरम, सबका बिगड़ा मुकद्दर बना दीजिए, दोनों आलम में रह जा सबका भरम कुछ नवासों का सदका अता कीजिए। जिसे सुनकर वहां मौजूद लोग झूम उठे।
हजरत सैय्यदा असगरी आपा हुजूर के आस्तान-ए-पाक पर हिन्दू-मुस्लिम भक्तों की भीड़ लगी रही। सभी ने आस्ताने पाक पर जाकर मत्था टेक कर अपनी मनोकामनाएं मांगी। मंगलवार सुबह मजार पर कुल शरीफ की फातहा का आयोजन किया गया। इस मौके पर चौबे चौधरी, उर्स कमेटी सदर अब्बास अली, नायब सदर आरिफ बाबा, फारूख अली, नबी मोहम्मद आदि मौजूद रहे। वहीं संचालक मुन्नन मस्ताना व अनवर मस्ताना ने किया।
आकर्षक रही सजावट
उर्स के दौरान रानी तलैया में मस्तानशाह बाबा की दरगाह के पास अकार्षक लाइटों की सजावट की गई। ये लाइट सिस्टम जबलपुर से मंगाया गया था। उर्स में आने वाले सभी लोगों के लिए ये लाइट आकर्षक का केंद्र रही। जब तलैया के पानी के बीच लाइट की रोशनी अलग-अलग रंगों में पड़ती थी तो नजारा ही अलग दिखाई दे रहा था।
Published on:
04 Jul 2018 07:30 am
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