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सिर्फ सरकारी संसाधन काफी नहीं लोगों को भी जागरूक होना जरूरी: अर्चना सिंह

स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर आयोजित हुई कार्यशाला

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Not only the government resources, but people also need to be aware

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छतरपुर। नगर को स्वच्छता की रैंकिंग में नंबर 1 पर लाने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष अर्चना गुड्डू सिंह लगातार प्रयास करने में जुटी हुई हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 को लेकर शुक्रवार की शाम ऑडिटोरियम हॉल में एक अहम कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें स्वच्छता से जुड़े नगर पालिका के सभी कर्मचारी स्वयंसेवी संस्थाएं व सामाजिक कार्यकर्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। तथा स्वच्छता में अब्बल आने के प्रयासों पर मंथन किया गया। कार्यशाला के दौरान स्वच्छता एप डाउनलोड कराने से लेकर जागरूकता फैलाकर आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के तरीकों पर विचार-विमर्श हुआ।
नगर पालिका अध्यक्ष अर्चना गुड्डू सिंह ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि छतरपुर नगर पालिका ने स्वच्छता में पिछले दो वर्षों में जो रैंक हांसिल की है वह उनकी मजबूत इच्छा शक्ति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि छतरपुर नगर पालिका ने अपने सीमित संसाधनों में जो भी बन सका उसे किया। कई बार बजट की समस्या भी आड़े रही और समय पर काम पूरा करने की जिम्मेदारी भी थी। लेकिन मैंने कभी बजट को आड़े नहीं आने दिया और स्वच्छता से जुड़े हर आयाम पूरे किए। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वच्छता के लिए केवल 9 वाहन उपलब्ध कराए थे लेकिन नगर पालिका ने अपने प्रयासों से 29 वाहन खरीदे और शहर के कौने-कौने से गीले और सूखे कचरे के संग्रहण की व्यवस्था की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता बहुत बड़ा विषय है इसे केवल सरकारी संसाधन सफ ल नहीं बना सकते। इस अभियान को सफ ल बनाने के लिए आम नागरिकों में जागरूकता भी आना जरूरी है। स्वच्छता का मिशन तभी पूरा होगा जब हर नागरिक जागरूक होकर कचरा नियत स्थान पर फेंकना शुरू कर देगा। छतरपुर नगर पालिका जागरूकता के लिए हर संभव प्रयास करने में जुटी है।

खत्म हो गए शहर के घूरे
नगर पालिका अध्यक्ष अर्चना गुड्डू सिंह ने कहा कि नगर पालिका के कामों पर उंगली कोई भी उठा सकता है क्योंकि वह आम नागरिक है। लेकिन जब उपलब्धियों की बात आती है तो लोग भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि 9 साल पहले जब शहर की बाग-डोर उन्होंने थामी तब दो दर्जन से भी अधिक स्थान ऐसे थे जहां कचरे के ढेर यानी घूरे लगे रहते थे और लोग उन स्थानों को अभिशप्त स्थान कहने लगे थे। उन्होंने कहा कि याद करिये कोतवाली थाना के बगल में, बस स्टैंड पर चर्च के पास, पंजाब बैंक के सामने, खेरे की देवी के पास, बेलदार मोहल्ले के पास सहित ऐसे कई स्थान थे जहां 24 घंटे कचरे के ढेर लगे रहते थे और लोग दुर्गंध के कारण यहां से नाक पर रूमाल रखकर निकलते थे लेकिन आज यह स्थान पूरी तरह से साफ है। अब यहां न गंदगी का अंबार है न कचरे के ढेर। उन्होंने कहा कि एक घूरा खत्म करने में नगर पालिका पर प्रतिमाह कम से कम 50 हजार रुपए का भार आता है लेकिन हमने इसकी परवाह नहीं की और शहर को गंदगी से मुक्त कराने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास आगे भी जारी रहेंगे और शहर के किसी भी कौने में घूरे नहीं रहने दिए जाएंगे।