
ईपीएस 5 फरवरी, फर्जी ऋण माफी प्रकरण बनाकर 5 करोड़ 95 लाख का गबन
खबर का असर
छतरपुर. मुख्यमंत्री किसान ब्याज माफी योजना में किसानों के नाम फर्जी केस बनाकर करोड़ों के गबन के मामले की जांच पूरी हो गई है। जिला सहकारी बैंक के सीइओ ने जांच समिति की रिपोर्ट पर तात्कालीन बैंक प्रबंधक सहकारी बैंक बिजावर अजय असाटी को निलंबित कर दिया है। निलंबन के साथ ही असाटी को छतरपुर से हटाकर नौगांव अटैच किया गया है। असाटी ने ऋण माफी के नाम पर 5 करोड़ 95 लाख का गबन किया, लेकिन जब जांच हुई तो गबन की राशि 8.61 लाख रुपए पाई गई। वहीं, 12 अन्य समितियों में भी इसी तरह के घाटाले की आशंका जांच टीम ने जताई है।
किसानों के नाम पर क्लेम किया ऋण माफी का पैसा
अजय असाटी तत्कालीन शाखा प्रबंधक शाखा बिजावर में दिनांक शाखा प्रबंधक पद पर पदस्थ रहें है। इस दौरान अपनी लॉगिन आईडी से सेवा सहकारी समिति मर्यादित मऊखेरा के 715 कृषक सदस्यों की रुपए 59531061.79 पैसा (पांच करोड़ पन्चानवें लाख इकतीस हजार इकसठ रुपए उन्यासी पैसा का ब्याज क्लेम तथा इसी प्रकार समिति गुलगंज के 599 सदस्यों का ब्याज क्लेम रुपए 38142062.61 ( तीन करोड़ इक्यासी लाख ब्यालीस हजार बासठ रुपए इकसठ पैसा ) का क्लेम अपनी लॉगिन आईडी से पास करते हुये प्राप्त करने की कार्यवाही की गई, जिसके तहत शासन से समिति मऊखेरा की 53642407.22 पैसे (पांच करोड़ छत्तीस लाख ब्यालीस हजार चार सौ सात रुपए बाइस पैसा) का क्लेम प्राप्त किया गया एवं गुलगंज समिति का रुपए 34369151.05 ( तीन करोड़ तेतालीस लाख उन्हत्तर हजार एक सौ इक्यावन रुपए पांच पैसा) का क्लेम प्राप्त किया गया।
दो समितियों में मिला 8 करोड़ 61 लाख का गबन
तीन सदस्यीय जांच दल गठित कर समिति की जांच सम्पन्न कराई गई। जिसमें समिति मऊखेरा का रुपए 515324.50 (पांच लाख पन्द्रह हजार तीन सौ चौबीस रुपए पचास पैसा ) वास्तविक क्लेम एवं इसी प्रकार समिति गुलगंज का रुपए 1382899.88 (तेरह लाख ब्यासी हजार आठ सौ निन्यानवें रुपए अठ्ठासी पैसा ) वास्तविक क्लेम पाया गया तथा समिति मऊखेरा का रुपए 53127082.70 पैसा (पांच करोड़ इकतीस लाख सत्ताईस हजार ब्यासी रुपए सत्तर पैसा) एवं गुलगंज समिति का रुपए 32986251.20 (तीन करोड़ उन्तीस लाख छियासी हजार दौ सौ इक्यावन रुपए बीस पैसा) बोगस क्लेम प्राप्त करना, जांच रिपोर्ट में स्पष्ट लेख किया गया है।
अन्य समितियों में भी घोटाला की आशंका
सीइओ ने आदेश में लिखा है कि मुख्यमंत्री कृषक ब्याज माफी योजना 2023 के समय-समय पर शासन से शीर्ष बैंक भोपाल से एवं अन्य वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त नियम, निर्देश शाखाओं, समितियों में मुख्यालय स्तर से तत्काल प्रेषित किए गए थे। जिसके तहत ब्याज राशि का क्लेम प्राप्त किया जाना था, किन्तु असाटी द्वारा अपने पदीय दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन न करना एवं वरिष्ठ कार्यालय के दिशा निर्देशों का उल्लंघन करते हुए समिति प्रबंधको से मिलीभगत कर फर्जी ब्याज क्लेम की राशि प्राप्त की गई। इसके अलावा शाखा की शेष 12 समितियों में भी उक्त प्रकार से ब्याज माफी क्लेम की राशि प्राप्त करने की संभावना भी हो सकती है। अत: अजय असाटी तत्कालीन शाखा प्रबंधक शाखा बिजावर हाल पदस्थी प्रधान कार्यालय विपणन कक्ष छतरपुर को उपरोक्त कृत्यों के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में असाटी का मुख्यालय शाखा नौगांव नियत किया जाता है।
समिति प्रबंधक पहले ही हो चुके है निलंबित
बोगस क्लेम के जरिए करोड़ों रुपया की धनराशि हड़पने की कोशिश करने वाले समिति प्रबंधक राम किशुन राजपूत, अरुण कुमार पाठक को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के पूर्व महाप्रबंधक राम विशाल पटैरिया ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है लेकिन बिजावर बैंक शाखा के तत्कालीन प्रबंधक अजय असाटी और प्रसासक श्याम क्षत्रीय को जाँच में दोषी पाए जाने के बावजूद बख्श दिया गया था। अजय असाटी को निलंबित करने के बजाए उन्हें जिला मुख्यालय में अटैच कर दिया गया। लेकिन अपर कलेक्टर द्वारा बनाई गई तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट पर अब अजय असाटी को भी निलंबित कर दिया गया है।
इनका कहना है
शिकायत की जांच में गड़बड़ी पाई गई हैं। तीन सदस्यीय टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबन आदेश जारी किया गया है।
सुरेश रावत, सीइओ, जिला सहकारी बैंक
Updated on:
05 Mar 2024 04:20 pm
Published on:
05 Mar 2024 04:18 pm
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