
Saurabh Shukla massacre police criminal
छतरपुर। शहर के नौजवान युवक सौरभ शुक्ला की बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में हुई रहस्यमय मौत की गुत्थी पुलिस २२ दिन बाद भी नहीं सुलझा पाई। 8 पुलिस अफसरों की जंबो टीम इस मामले की जांच के लिए बनाई गई थी, लेकिन पुलिस अभी तक इसी नतीजे पर ही नहीं पहुंच पाई कि सौरभ की हत्या हुई है या उसने आत्महत्या की है। इसी बात से आक्रोशित मृतक के परिजनों और मोहल्ले की महिलाओं ने गुरुवार को एसपी ऑफिस पहुंंचकर नेशनल हाइवे पर जाम लगा दिया। सौरभ की मां और अन्य महिलाएं एसपी से मिलने पहुंची थी, लेकिन जब एसपी नहीं मिले तो उन्होंने बीच सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। अचानक हाइवे जाम होने की खबर मिलते ही सनसनी फैल गई। मौके पर तुरंत दोनों थानों के टीआई, सीएसपी, तहसीलदार और एडिशन एसपी पहुंचे। उन्होंने जाम लगाए बैठी महिलाओं को समझाया और एक बार फिर कार्रवाई के लिए आश्वासन देकर जांच के लिए अंतिम बार समय मांगा। इस पर परिजनों ने पुलिस को ज्ञापन दिया और लौट गए। उधर पुलिस का कहना है कि मर्ग की शुरुआती जांच में यह पूरा मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। जांच पूरी होने के बाद मामला सामने आ जाएगा।
शहर में पिछले २२ दिनों से लगातार चर्चाओं में रहे सौरभ शुक्ला हत्याकांड की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक विनीत खन्ना ने एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर दी थी। इस जांच कमेटी में एडिशनल एसपी, एसडीओपी एवं सीएसपी सहित 8 उच्च अधिकारियों को नियुक्त किया गया था। लेकिन दस दिन से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस इस मामले में अब तक कार्रवाई नहीं कर पाई है। इसी से आक्रोशित होकर मृतक के परिवार की महिलाएं और उसके माता-पिता सहित मोहल्ले के लोग गुरुवार को एसपी ऑफिस पहुंचे थे। दोपहर 3 बजे जब एसपी विनीत खन्ना यहां पर न हीं मिले तो महिलाएं सीधे हाइवे पर बैठ गई और जाम लगा दिया। मौके पर सीएसपी राकेश शंखवार और टीआई सहित पुलिस बल पहुंच गया। बाद में तहसीलदार आलोक वर्मा और एडिशन एसपी जयराज कुबेर भी पहुंच गए। उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और थोड़ा और समय जांच के लिए मांगा। इस पर प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने ज्ञापन देकर साफ कहा कि अगर जल्द ही इस मामले का खुलासा नहीं हुआ तो पूरा परिवार आमरण अनशन करने के लिए बाध्य होगा। उधर पीडि़त परिवार ने एएसपी को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि इस पूरे मामले में पूर्व में सिविल लाइन पुलिस ने लापरवाही बरती। इसके बाद 8 मार्च को एसपी को ज्ञापन दिया तो उन्होंने नई टीम गठित कर दी, लेकिन अब तक पुलिस टीम इस हत्याकांड की जांच ही शुरू नहीं कर पाई है। महिलाओं का कहना था कि सौरभ हत्याकांड की जांच में पुलिस की उदासीनता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वारदात के 20 दिन बाद एफएसएल रिपोर्ट जांच के लिए सागर भेजी गई। जबकि यह जांच रिपोर्ट तुरंत भेजी जानी चाहिए थी। वहीं कुछ संदिग्धों से पूछताछ करके इस हत्याकांड के अहम सुराग पुलिस को मिल सकते, उसमें भी पुलिस द्वारा लापरवाही की जा रही है। यहां तक कि जिस टीआई अनूप यादव को इस मामले की जांच दी गई है उनका तबादला सरवई हो जाने के कारण वे भी इसके लिए समय नहीं दे पा रहे हैं।
गुजर गए २२ दिन, अब और कितना इंतजार करें :
सौरभ शुक्ला की मां रजनी और पिता राकेश शुक्ला का कहना था कि घटना को गुजरे आज २२ दिन बीत चुके हैं, लेकिन आज तक पुलिस इस मामले का खुलासा नहीं कर पाई। नई जांच टीम गठित हुए भी १२ दिन बीत चुके हैं लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि अब और कितना इंतजार करें, पुलिस हर बार आश्वासन दे देती है। पुलिस यह भी तय नहीं कर पाई है कि उनके बेटे की हत्या हुई या आत्महत्या है।
इस टीम को मिली थी हत्याकांड की जांच :
एसपी विनीत खन्ना ने सौरभ शुक्ला हत्याकांड की जांच के लिए एडिशनल एसपी के नेतृत्व में एसपी विनीत खन्ना ने दो सप्ताह पहले टीम गठित की थी। इसमें बड़ामलहरा एसडीओपी प्रमोद कुमार सारस्वत, सीएसपी छतरपुर राकेश शंखवार, एडीपीओ छतरपुर केके गौतम, सरवई थाना प्रभारी अनूप यादव, मातगुवां थाना प्रभारी माधवी अग्निहोत्री, एफएसएल अधिकारी रीतेश शुक्ला और साइवर सेल से किशोर को इस टीम में शामिल किया गया था। इस टीम को ही पूरे मामले की जांच करनी थी, लेकिन अब तक पुलिस यह ही तय नहीं कर पाई है कि सौरभ शुक्ला की हत्या हुई है या उसने आत्महत्या की है।
लगातार किया जा रहा प्रदर्शन, लेकिन सुनवाई नहीं :
घटना के दूसरे ही दिन परिजनों ने सिटी कोतवाली घेराव किया था। इस पर सीएसपी ने पीडि़त परिवार और मोहल्ले के लोगों को आश्वासन दिया था कि एक सप्ताह के अंदर आरोपी पकड़े जाएंगे। इसके बाद पीडि़त परिवार और ब्राह्मण समाज के लोगों ने एसपी ने मिलकर ८ मार्च को ज्ञापन दिया था। इस पर एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था। दूसरे ही दिन एसपी ने सिविल लाइन थाना प्रभारी को हटाकर इस हत्याकांड की जांच के लिए पांच अधिकारियों की टीम बनाई थी। इसके दूसरे ही दिन सौरभ शुक्ला हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर लोगों ने कैंडल मार्च भी निकाला था। गुरुवार को एक बार फिर दो सप्ताह का समय गुजरने के बाद भी इस मामले की जांच अब तक नहीं हो पाई है।
सौरभ हत्याकांड से जुड़े इन तत्थों पर भी होनी चाहिए जांच :
- सौरभ अपनी मौत के पहले पुलिस और परिजनों ने लगातार बात करता रहा लेकिन उसके मोबाइल पर ब्लड के निशान नहीं मिले।
- घटना स्थल पर उसे गोली मारने की बात सामने आई, लेकिन वहां पर ब्लड फैला नहीं मिला।
- सौरभ से हुई बातचीत की मोबाइल रिकॉर्डिंग में वह कह रहा था कि उसे नहीं पता कि उसकी बाइक कहां है, लेकिन अगले दिन घटना स्थल पर ही उसकी बाइक खड़ी मिली।
- घटना के बाद उसके मोबाइल की लोकेशन का बार-बार बदलना भी इस बात का संदेह पैदा करता है कि सौरभ का मोबाइल अलग-अलग जगह घूमता रहा।
- सौरभ के शव के दूर पुलिस ने एक कट्टा भी बरामद किया है। अगर पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है तो फिर कट्टा शव से इतनी दूर कैसे पहुंच गया। खुद को गोली मारकर सौरभ कट्टा दूर फेंकने तो नहीं जाता।
- मोबाइल रिकॉर्डिंग में यह भी है कि जैसे ही उससे पूछा जा रहा था कि तुम्हें गोली किसने मारी तो वह कुछ जवाब नहीं दे पा रहा था, इससे ऐसा लग रहा था जैसे उसके पास कोई पहले से हैं।
- परिजनों का संदेह है कि सौरभ की हत्या करके उसके शव को बाद में घटना स्थल पर फेंका गया।
- घटना की परिस्थिति और मौके से मिले साक्ष्यों से शुरुआत में ही यह मामला हत्या का प्रतीत होता है, लेकिन पुलिस अब तक इसी बात की जांच कर रही है कि यह हत्या है या आत्महत्या। जबकि पुलिस के पास एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड भी है।
पुलिस की जांच आत्महत्या की ओर मुड़ी :
सौरभ की रहस्यमय मौत के मामले में उठा रहे सवालों के बीच पुलिस की जो शुरुआती जांच हुई है वह आत्महत्या की ओर मुड़ गई है। सौरभ के मोबाइल की सर्चिंग में पुलिस को पता चला है कि वह मौत के तीन दिन पहले से गूगल पर आत्महत्या के तरीकों के बारे में सर्च कर रहा था। इसके अलावा पुलिस ने घटना स्थल पर जो एफएसएल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र कराए हैं उसमें भी कई ऐसी परिस्थिति मिली है जिसमें घटना का कारण हत्या न होकर आत्महत्या प्रतीत हो रहा है। पुलिस मामले की जांच के बाद इस पूरे मामले का खुलासा करेगी।
मर्ग की शुरुआती जांच में आत्महत्या प्रतीत हो रहा है मामला :
पुलिस ने इस मामल में मर्ग कायम किया था। मर्ग की शुरुआती जांच में जो साक्ष्य मिले हैं उससे प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का लग रहा है। लेकिन पुलिस मृतक के परिजनों के सवालों घटना की परिस्थतियों को ध्यान में रखकर हर पहलु पर जांच कर रही है। मृतक के परिजनों को इस बारे में समझाया गया है। घटना की जांच पूरी होते ही मामले पर से पर्दा उठा दिया जाएगा।
- जयराज कुबेर, एडिशन एसपी छतपुर
Published on:
23 Mar 2018 09:58 am
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