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लापरवाही पर एसडीओ व बाबू को किया निलंबित, एक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश

छतरपुर उपसंभाग के प्रभारी एसडीओ कमलेश मिश्रा और सहायक ग्रेड-3 विजय कुमार खरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, विभाग के स्थाई कर्मी राजाराम कुशवाहा पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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पीडब्ल्यूडी के इस भवन की बिक्री पर हो रही कार्रवाई

पीडब्ल्यूडी भवन विक्रय मामले में लोक निर्माण विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) सागर ने छतरपुर उपसंभाग के प्रभारी एसडीओ कमलेश मिश्रा और सहायक ग्रेड-3 विजय कुमार खरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, विभाग के स्थाई कर्मी राजाराम कुशवाहा पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

आदेश में उल्लेख किया गया है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा उच्च न्यायालय के प्रकरण क्रमांक एफ.ए/06/2005 में पारित आदेश दिनांक 4 अक्टूबर 2024 के पालन में कोई रुचि नहीं ली गई। लापरवाही के चलते विभाग की बेशकीमती जमीन का विक्रय हो गया। इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3(1), 3(2) और 3(3) के तहत गंभीर कदाचरण माना गया है।मुख्य अभियंता द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने पर मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबन किया जाता है। निलंबन अवधि में एसडीओ कमलेश मिश्रा का मुख्यालय पन्ना तथा सहायक ग्रेड-3 विजय खरे का मुख्यालय नौगांव पीडब्ल्यूडी कार्यालय निर्धारित किया गया है। दोनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

स्थाई कर्मी पर भी होगी कार्रवाई

मुख्य अभियंता ने अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण विभाग नौगांव को पत्र लिखकर स्थाई कर्मी राजाराम कुशवाहा के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि राजाराम कुशवाहा द्वारा न्यायालय के आदेशों के पालन में किसी प्रकार की अग्रिम कार्यवाही नहीं की गई, जिससे विभाग की संपत्ति का नुकसान हुआ।

सेवानिवृत्त ईई पर भी कार्रवाई की सिफारिश

वहीं, इस पूरे मामले में तत्कालीन ईई आरएस शुक्ला (सेवानिवृत्त) और एसडीओ कमलेश मिश्रा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भोपाल भेजा गया है। मुख्य अभियंता लोनिवि सागर ने प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग भोपाल को यह प्रस्ताव भेजा है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि दोनों अधिकारियों ने अदालत के आदेशों की अवहेलना की, जिसके कारण भवन क्रमांक 64 (हाउस ऑफ उमाशंकर दफतरीवाला) की बेशकीमती भूमि विक्रय हो गई। इस मामले में कलेक्टर छतरपुर द्वारा भी अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव मुख्य अभियंता को भेजा गया था, जिसके आधार पर अब विभाग ने आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका असर उनकी पेंशन पर पड़ेगा।पीडब्ल्यूडी भवन विक्रय मामले में हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद विभागीय दफ्तरों में हडक़ंप मचा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, मुख्य अभियंता ने इस पूरे प्रकरण की अलग से जांच रिपोर्ट भी तैयार करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में विभागीय संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।