
निरीक्षण करते अधिकारी
छतरपुर. केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश में दूसरे दिव्यांग पुनर्वास केंद्र निर्माण के लिए छतरपुर को चिह्नित कर एक साल पहले इसकी मंजूरी दी थी। इस केंद्र के लिए खजुराहो-झांसी हाइवे पर पांच एकड़ जमीन आवंटित की गई है। जहां भवन निर्माण का कार्य जारी है। अभी पुरानी तहसील भवन में दिव्यांगों को प्रशिक्षण सहित अन्य कार्य शुरू कर दिए गए हैं। भवन न होने से इसका कार्यालय अभी पुराने तहसील भवन से संचालित किया जा रहा है। संचालन की जिम्मेदारी मुंबई की दिव्यांग संस्था को दी गई है।
उपसंचालक सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन विभाग के राजीव सिंह, सीआरसी छतरपुर के प्रशासनिक अधिकारी श्रीकान्त गुप्ता, निर्माण कर्ता एजेंसी एनबीसीसी के प्रोजेक्ट मैनेजर नीरज कुमार, योगेश सिंह व उनकी कार्यरत टीम के साथ भवन निर्माण का स्थल निरीक्षण किया व सभी आवश्यक बिंदुओं पर चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। साथ ही आगामी समय में उक्त परिसर दिव्यांगजनों व वयोवृद्ध जनों हेतु सुगम्य एवं हरा-भरा बनाए जाने के लिए उचित व्यवस्था करने पर निर्माणाधीन एजेंसी व कार्य कर रहे उनकी टीम का ध्यान केंद्रित किया व आवश्यक पेड़-पौधों को रोपित करने हेतु उचित तैयारी कराने को भी निर्देशित किया जिससे कि परिसर का वातावरण सदैव स्वच्छ व अनुकूल रहे और भविष्य में बारिश के पानी को सहेजने के लिए उचित व्यवस्था करने हेतु निर्देशित किया।
उक्त केंद्र भारत सरकार द्वारा संचालित राज्य स्तरीय केंद्र है जहां पर देश का कोई भी दिव्यांग व नागरिक उपलब्ध सेवाओं के लिए आ सकता है व आवश्यक जानकारी लेकर विभिन्न योजनाओं व केन्द्र पर उपलब्ध सेवाओं का लाभ ले सकता है। उक्त केन्द्र केन्द्रीय मंत्री भारत सरकार व क्षेत्रीय सांसद डॉ. वीरेन्द्र कुमार के सफल का परिणाम है जो धरातल पर दिखने लगा है, जिससे सम्पूर्ण बुन्देलखण्ड के साथ-साथ मप्र व उप्र के नजदीक सभी जिलों के दिव्यांगजनो को इसका लाभ बड़ी आसानी से मिलेगा.
जिसका निर्माण कार्य होने के बाद दिव्यांगों को पढ़ाई के साथ अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही केंद्र में ही दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम हाथ-पैर और अन्यउपकरण बनाए जाएंगे। वहीं दिव्यांगजनों को शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए ट्रेनिंग सेंटर संचालित होगा और उन्हें स्वावलंबी बनाने के साथ-साथ रोजगार से जुडऩे के अवसर प्राप्त होंगे। इस केंद्र का भवन बनने से प्रदेश के साथ-साथ बुंदेलखंड क्षेत्र और जिले के दिव्यांग छतरपुर में आकर शासन की योजना अनुसार स्पेशल डीएड और डीएलएचएस कोर्स की डिग्री भी कर सकेंगे। यहां उनके रहने के लिए अत्याधुनिक हॉस्टल बनाया जाएगा और उनके आत्मनिर्भर बनने का रास्ता भी साफ होगा।
यह प्रदेश में भोपाल के बाद राज्य का दूसरा केंद्र है। केंद्र के आरओ मुकेश पटेल ने बताया कि विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से दिव्यांगजनों की मानसिक स्थिति का आंकलन, थैरिपी, रोजगार के लिए ट्रेनिंग सहित अन्य गतिविधियां केंद्र में संचालित की जा रही है। इसके लिए वह जिले के दिव्यांग जनों से संपर्क कर शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं से जोडऩे का प्रयास कर रहे हैं। वहीं दिव्यांगों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जल्द ही कोचिंग सेंटर शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
Published on:
29 Jul 2024 11:03 am
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