
छतरपुर. जिले में ३२ थाना होने के बाद भी मात्र २५ एफआरबी वाहनों को लगाया गया है। जिससे कई स्थानों में लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। घटना होने के बाद डायल-१०० के व्यस्त होने और घंटों बाद आने की जानकारी दी जा रही है। जिससे पीडि़तों को बिना डायल-१०० के आए ही थाना पहुुंचना पड़ रहा है।
छतरपुर जिले में कुल ३५ थाना हैं, जिसमें से महिला, अजाक और यातायात थाना को छोड़कर ३२ बचते हैं। इन थानों में दिन रात फरियादियों को आना जाना लगा रहता है और इन थाना क्षेत्रों में विवाद की स्थित या इमरजेंसी आने पर लोग सबसे पहले डायल-१०० को याद करते हैं। लेकिन जिले के कई थाना क्षेत्र में डायल-१०० एफआरबी नहीं होने पर वहां के लोगों को समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिले के दूरस्थ इलाकों के दो थानों के बीच में एक वाहन होने से इन क्षेत्र के लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। वहीं कई थाना क्षेत्र में एक वाहन होने और अधिक एवेंट आने पर एफआरबी व्यस्त रहती है और लोगों को कई घंटे तक इंतजार करना पड़ता है।
बमीठा थाना क्षेत्र के गंज गांव निवासी किशोरी विश्वकर्मा ने बताया कि बीती रात में पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति से विवाद हो गया। जिसपर परिजनों ने डायल-१०० को कॉल किया गया। लेकिन डायल-१०० के व्यस्त होने से समय पर नहीं पहुंची। जिससे विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में मारपीट भी हो गई। इसके बाद दोनों पक्ष निजी वाहनों से थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। इसी तरह ईशानगर थाना क्षेत्र के आमखेरा गांव में खेत से अपने घर जा रही पे्रमवति यादव (२९) पति राजाराम यादव को एक बाइक ने टक्कर मार दी। जिससे लोगों को बाइक सवार को पकड़ लिया और डायल-१०० को कॉल किया गया। इस दौरान टीम के व्यस्त होने की जानकारी दी गई और करीब ४५ मिनट तक इंतजार करने के बाद भी टीम नहीं पहुंची। जिसके बाद बाइक सवार लोगों को चकमा देकर मौके से भाग गया। इसी तरह आए दिन मामले में सामने आ रहे हैं जहां पर सूचना देने के बाद समय पर पुलिस की मदद नहीं मिल पा रही है।
किन थानों में कितने वाहन
जिले में कुल ३२ थानों के बीच में मात्र २५ एफआरबी वाहन हैं, जिनसे जिले के २० लाख से अधिक जनता की सुरक्षा किए जाने का पुलिस दावा कर रही है। लेकिन दिन रात सैकडों के संख्या में आने वाले कॉल को यह २५ टीमें नहीं निबटा पा रही हैं।
हालात है कि जिले के सिटी कोतवाली में एक एफआरबी है तो शहर के सिविल लाइन थाना में दो और ओरछा रोड थाना में एक है। इसके अलावा अलीपुर थाना में एक, बड़ामलहरा में एक, बमीठा में एक, भगवां में एक, बिजावर में एक, बकस्वाहा में एक, चंदला में एक, गढ़ीमलहरा में एक, गौरिहार में एक, गुलगंज एक, हरपालपुर में एक, खजुराहो में एक, किशनगढ़ में एक, लवकुशनगर में दो, महाराजपुर में एक, मातगुवां में एक, नौगांव में एक, राजनगर में एक, सरवई में एक, सटई में एक एफआरबी तैनात है। वहीं बाजना, बमनोरा, बंसिया, गोयरा, हिनौता, ईशानगर, जुझारनगर, पिपट, प्रकाश बम्होरी में एक भी एफआरबी नहीं हैं। जिससे इन थाना क्षेत्र के लोगों को डायल-१०० की जरूरत होने पर आसपास के थानाों से भेजी जाती है।
इनका कहना है
जिले में अभी दो वाहन अलीपुरा और बमीठा के खराब हैं, जिन्हें सही कराने के लिए भेजा गया है। उनके स्थान पर किराए के वाहन लगाए गए हैं। कोई भी वाहन खराब होने की स्थिति में भोपाल से दो-तीन दिन में दूसरा वाहन आ जाता है। हाल में कुल २५ वाहन कार्य कर रहे हैं। जिन थानों में वाहन नहीं हैं, तो पास के थाना में मौजूद एफआरबी उस थाना क्षेत्र को भी कवर करती है।
नीलेश शर्मा, जिला प्रभारी डायल-१०० सेवा
Published on:
08 Jan 2023 06:13 pm

बड़ी खबरें
View Allछतरपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
