छतरपुर. गुरुवार को पूरा शहर राम मय हो गया। सुबह 10.30 बजे से राम के जन्म की लीला का मंचन किया गया। मंचीय लीला में भगवान विष्णु के दशावतारों की अदभुत झाकियों के दर्शन पाकर श्रद्धालु भाव विभोग हो गए। ठीक 12 हजे रामचरित मानस प्रागंण में हजारों लोगों की भीड़ के बीच श्रीराम का जन्म हुआ। जन्म के साथ ही खुशियों की लहर दौड़ पड़ी। चारों ओर जय श्रीराम के नारे गूंजने लगे। इसके बाद तीन किलोमीटर लंबी शोभा यात्रा निकाली गई। जिसमें शामिल होने शहर के हर कोने से लोग पहुंचे। शहर का मुख्य मार्ग श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया।
कलाकारों ने अभिनय के माध्यम से किया जन्म का मंचन
विगत वर्षों की परंपरा के अनुसार रामनवमी महोत्सव दोपहर 12 बजे रामचरित मानस मैदान के रामलीला मंच पर प्रारंभ हो गया था। श्री अन्नपूर्णा रामलीला के 50 से अधिक कलाकारों और संगीत मंडली ने लगभग एक घंटे तक भगवान राम के जन्म की लीला का मंचन किया। अभिनय के माध्यम से बताया गया कि किस तरह धरती पर रावण के अत्याचार के बढऩे के बाद विष्णु के अवतार भगवान राम ने पाप के नाश के लिए जन्म लिया था। इस अवसर पर कलाकारों द्वारा रामजन्म की बधाई गाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया गया। इस मौके पर छतरपुर विधायक आलोक चतुर्वेदी, पूर्व मंत्री ललिता यादव, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व नपाध्यक्ष अर्चना सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लखन पटेल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
शाम तक चली शोभायात्रा
जन्म की लीला के पश्चात प्रभु के बाल स्वरूप की महा आरती एवं नगर वासियों को बधाई के उपरांत श्रीराम सेवा समिति के तत्वावधान में विशाल शोभायात्रा का शुभारंभ श्रीराम चरित मानस प्रांगण से होगा जो गांधी चौक बाजार, महल रोड, छत्रसाल चौक, आकाशवाणी तिराहा, बस स्टैंड, मऊ दरवाजा, हटवारा होते हुए गांधी चौक बाजार स्थित श्रीराम दरबार पहुंची। जहां पर दिव्य राम रथ की महाआरती के साथ शोभायात्रा का समापन किया गया।
खुशनुमा हो गया मौसम
दोपहर 3.30 बजे अचानक हवाएं तेज हो गई और आंधी चलने लगी। इसके बाद कुछ देर बारिश भी हुई। जिससे कार्यक्रम कुछ देर के लिए प्रभावित हुआ, लेकिन बारिश के बाद मौसम खुशनुमा हो जाने से श्रद्धालुओं का उत्साह दो गुना हो गया। शोभा यात्रा को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी।
अदभुत झांकियों ने मोहा मन
शोभायात्रा में कुछ अलग अद्भुत झांकियों के दर्शन नगर वासियों को करने को मिले। इस शोभायात्रा में विघ्न विनाशक भगवान गणेश की झांकी शोभा ने यात्रा की अगवानी की। शोभायात्रा में अद्भुत झांकियों के साथ अखाड़े, और बैंड मुख्य आकर्षण रहे। हजारों की संख्या में मातृ शक्तियां पारंपरिक भारतीय परिधान में नृत्य करते हुए आगे चेली। शोभायात्रा में सभी समाजों की झांकियां निकाली गईं। घोड़े, डीजे बैंड, ढोल, धमाल पार्टी, अखाड़े, छतरपुर के कई मंदिरों की झांकियों इस शोभायात्रा को आर्कषक बना दिया। प्रताप नवयुवक संघ के तत्वावधान में महाराष्ट्रीय नृत्य पर 500 युवतियांं पारंपरिक परिधान में प्रस्तुति दी गई।