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3 लाख 10 हजार मीट्रिक टन अनाज खरीदने का लक्ष्य

एक अप्रेल से शुरू होगा गेहूं उपार्जन, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देशखरीदी के दौरान किसानों का शोषण करने वालों को जेल भेजेंगे

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एक अप्रेल से शुरू होगा गेहूं उपार्जन

एक अप्रेल से शुरू होगा गेहूं उपार्जन

छतरपुर। जिले भर में जिला सहकारी बैंक के निर्देश पर समितियों के द्वारा 86781 किसानों का पंजीयन कर लिया है। पंजीकृत किसानों के मोबाइल फोन पर खरीदी की तारीख के संबंध में एसएमएस आएगा। एसएमएस आने की तारीख से 7 दिन तक किसान कभी भी खरीद केन्द्र पर पहुंचकर अपना अनाज तुलवा सकेंगे। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक इस वर्ष जिले भर के किसानों से 3 लाख 10 हजार मीट्रिक टन अनाज खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। वारदाने की दिक्कत न हो इसके लिए पहले से ही 12 लाख 72 हजार 500 नग वारदाना जिले में मंगाया जा चुका है।

जिले भर में रबी की फसल को खरीदने के लिए राज्य शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। एक अप्रेल से जिले के 143 खरीद केन्द्रों पर गेहंू एमएसपी पर खरीदा जाएगा। शासन ने इस वर्ष गेहूं के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रूपए प्रति क्विंटल, चने के लिए 5100 रूपए, सरसों के लिए 4625 रूपए और मसूर के लिए 5100 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
खरीदी के पहले कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने उपार्जन प्रक्रिया में लगे सहकारी समितियों के कर्मचारियों, आपूर्ति अधिकारियों और ट्रांसपोर्ट में कर्मचारियों को आगाह किया है कि किसी भी सूरत में इस प्रक्रिया के दौरान भ्रष्टाचार और किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य शासन की मंशा है कि कोविड गाइड लाइन के तहत निर्बाध रूप से किसानों के एक-एक दाने को पारदर्शी तरीके से खरीदा जाए। जो लोग इस मंशा के अनुरूप काम नहीं करेंगे उनके विरूद्ध सिर्फ विभागीय कार्यवाही नहीं होगी बल्कि उन्हें एफआईआर का सामना करते हुए जेल जाना पड़ेगा।

कृषि विकास योजना के तहत लगाए गए पान बरेजा का अबतक नहीं हुआ सर्वे
जिले के 200 से अधिक किसानों ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत पान बरेजा स्थापित किए हैं। इन नए पान बरेजों का उद्यानिकी विभाग के स्थानीय अधिकारियों को निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करना है, ताकि इन किसानों को इस योजना का लाभ मिल सके। पर स्थानीय अधिकारी इन किसानों के बार-बार बुलाने के बाद भी मौके का निरीक्षण करने नहीं पहुंच रहे हैं। वित्तीय वर्ष खत्म होने के कारण इन किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं और परेशान हो रहे हैं। पिछले दिनों पान संघ की मांग पर प्रदेश सरकार ने इसे कृषि योजनाओं में शामिल करते हुए छतरपुर जिले के पान किसानों के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत उच्च तकनीकि पान किसान उत्पादन योजना लागू की गई। इस योजना का लाभ पाने के लिए जिले के 200 से अधिक पान किसानों ने पिछले जनवारी-फरवरी माह में ऑनलाइन अवेदन किए। अब वित्तीय वर्ष खत्म होने वाला है। इसलिए नया पान बरेजा लगाने वाले किसान चाहते हैं कि उनके पान बरेजा का निरीक्षण जल्द से जल्द हो जाए, ताकि उन्हें इस योजना का लाभ मिल सके। लेकिन अबतक अधिकारी पान बरेजा का मुआयना करने नहीं पहुंचे हैं।