19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

टैक्सी चालक की बेटी सेना में चयनित

इलाके की पहली लड़की है सेना में जाने वालीगांव पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत

2 min read
Google source verification
इलाके की पहली लड़की है सेना में जाने वाली

इलाके की पहली लड़की है सेना में जाने वाली

छतरपुर। जिले के छोटे से गांव गढ़ा के एक टैक्सी चालक की बेटी का इंडियन आर्मी में सैनिक के रुप में चयन हुआ है। इलाके की पहली लड़की ने सेना में भर्ती होने के बाद अपनी ट्रेनिंग भी पूरी कर ली है। पहली बार गांव आई बेटी को गांव वालों ने सर-आंखों पर बैठा लिया। गांव में उसका भव्य स्वागत किया गया।

गढ़ा गांव के टैक्सी चालक दशरथ आदिवासी की बेटी सविता आदिवासी का सेना में चयनित होकर ट्रेनिंग के लिए राजस्थान के अलवर जिले के मौजपुर गई थी। 8 महीने की ट्रेनिंग पूरी कर बीते रोज सविता गांव के पास पहुंची, तो पांच किलोमीटर दूर गंज टावर के पास गांव के लोग उसे लेने पहुंचे और भव्य स्वागत किया। जब बेटी अपने पिता के गले लगी तो पिता की आंखों से खुशी के आंसू बहने लगे।

सविता गांव के प्रमुख मंदिरों से दर्शन करती हुए घर पहुंची, जहां उसकी मां के साथ गांव की अन्य महिलाओं ने तिलक लगाकर उसका स्वागत किया। वहीं उसके स्वागत में गांव के युवा डीजे की धुन पर जमकर थिरके। इस मौके ओर पूरे गांव मे बाइक रैली भी निकाली गई। सविता ने गांव वालों के स्नेह और स्वागत के प्रति आभार व्यक्त किया।


राष्ट्रीय सम्मेलन में जुटे देश भर के किन्नर, देखने के लिए जाम हो गईं सड़कें

छतरपुर। छतरपुर में 20 दिसम्बर से 29 दिसम्बर तक नारायणपुरा रोड के एक विवाह घर में किन्नर समाज का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसी सम्मेलन के अंतर्गत किन्नर समाज के द्वारा शहर की प्रमुख सड़कों से एक कलश यात्रा निकाली गई। इस कलश यात्रा में देश भर से सैकड़ों किन्नर एकत्रित हुए। गाजे-बाजे, बग्घियों के साथ कलश लेकर निकले इन किन्नरों को फिल्मी गानों पर थिरकते हुए देखने के लिए शहर की सडकें जाम हो गईं। किन्नरों की इस कलश यात्रा ने शहर के जवाहर रोड, चौक बाजार, बस स्टेण्ड का भ्रमण किया।
किन्नर समाज के जिलाध्यक्ष नीतू नायक ने बताया कि किन्नर समाज के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए हर वर्ष राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष यह सम्मेलन छतरपुर में 20 दिसम्बर से शुरू हुआ था जो कि 29 दिसम्बर तक चलेगा। इस सम्मेलन में राजस्थान, झारखंड, दिल्ली, उ.प्र. के अनेक शहरों से किन्नर समाज के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए हैं। कलश यात्रा निकालने का मकसद लोगों को अपनी मौजूदगी बताना साथ ही छतरपुर जिले की सुख समृद्धि और कल्याण के लिए कामना करना है। किन्नरों ने एक मंदिर में पीतल का घंटा भेंट किया तो वहीं एक मजार में चादर चढ़ाते हुए सामाजिक सद्भाव एवं सुख शांति व प्रेम की कामना की।