छतरपुर. केन बेतवा लिंक परियोजना निर्माण की गति तेज होने वाली है। परियोजना के मुख्य बांध ढोढऩ के निर्माण के लिए निविदा दस्तावेज तैयार हो गए है. अगस्त माह में ही निविदा जारी होगी। इसके साथ ही परियोजना प्रभावित गांवों के विस्थापन की प्रक्रिया भी अगस्त में होगी। इसके लिए 221 करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया है। इस खर्च से छतरपुर व पन्ना जिले के प्रभावित गांवों का विस्थापन होगा। विस्थापन कार्य की शुरुआत भी अगस्त में ही होगी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिन 17 सिंतबर को परियोजना की आधारशिला रखने की तैयारी चल रही है।
छतरपुर के 10 गांव जाएंगे डूब क्षेत्र में
परियोजना के मुख्य बांध ढोढऩ में पन्ना टाइगर रिजर्व की 6017 हेक्टेयर वन भूमि डूब रही है, जिसमें कोर एरिया की 4141 हेक्टेयर भूमि शामिल है। इसकी भरपाई के लिए प्लान तैयार किया गया है। इस प्लान के तहत पन्ना और छतरपुर जिले के गांव कटहरी-बिल्हारा, कोनी, मझौली, गहदरा, मरहा, खमरी, कूडन, पाठापुर, नैगुवां, डुंगरिया, कदवारा, घुघरी, बसुधा की 4396 हेक्टेयर भूमि चिंहित की गई है। ये गांव पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर जोन में स्थित है, जिसे अब कोर एरिया में परिवर्तित किया जाएगा। इसके अलावा 1621 हेक्टेयर वन भूमि के एवज में 3242 हेक्टेयर राजस्व जमीन छतरपुर जिले में चिंहित की गई है। इस भूमि पर वनीकरण किया जाएगा।

घर, परिवार व मवेशी भी होंगे प्रभावित
जल शक्ति मंत्रालय द्वारा बनाए गए प्रारंभिक डीपीआर के मुताबिक 637 कच्चे घर, 1252 आधे कच्चे-पक्के मकान, और 24 पक्के मकान डूब क्षेत्र में आ रहे हैं। प्रभावित घरों के मालिकों को मुआवजा के बतौर पक्के मकान के बदले डेढ लाख, आधा कच्चा-पक्का मकान का एक लाख और कच्चा मकान का 50 हजार रुपए मुआवजा दिया जाएगा। दस गांव के डूब क्षेत्र में जाने से न केवल वहां के लोग बल्कि पालतू मवेशी भी प्रभावित होंगे। 9317 गाय, 249 भैंसा, 3387 भैंसे, 345 भेड़, 11957 बकरी, 1378 मुर्गा-मुर्गी और 1952 अन्य पालूत जानवर भी प्रभावित हो रहे हैं।
प्रभावित परिवारों की खेती पर ये पड़ेगा असर
बांध के कमांड क्षेत्र में चयनित परिवारों का मुख्य व्यवसाय कृषि है। चयनित परिवारों के विभिन्न फसलों खरीफ सीजन में 2665 हेक्टेयर और रबी सीजन में 1173 हेक्टेयर में खेती होती है। खरीफ मौसम के दौरान सबसे महत्वपूर्ण फसल सोयाबीन है जिसका क्षेत्रफल 685.69 हेक्टेयर है। खरीफ मौसम के दौरान उगाई जाने वाली अन्य महत्वपूर्ण फसलें बंगाल चना 677.06 हेक्टेयर, धान 669.53 हेक्टेयर हैं, जबकि काला चना, तिल, मिर्च और ज्वार भी उगाई जाती है। वहीं, रबी सीजन के दौरान गेहूं सबसे महत्वपूर्ण फसल होती है जिसका क्षेत्रफल 890.85 हेक्टेयर है। इसके बाद बंगाल चना, ज्वार, धान, गन्ना और मक्का भी उगाया जाता है।

कुल 21 गांव होंगे प्रभावित
केन बेतवा लिंक परियोजना के ढोढऩ बांध के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व के 21 गांव प्रभावित होंगे। जिसमें छतरपुर के 14 और पन्ना जिले के 7 गांव प्रभावित होंगे। 10 गांव बांध के डूब क्षेत्र में प्रभावित हो रहे हैं, जबकि वन भूमि की क्षतिपूर्ति में पन्ना जिले के 7 और छतरपुर जिले के 6 गांव मिलकार 13 गांव प्रभावित होंगे। ऐसे में कुल प्रभावित गांव की संख्या 23 है, लेकिन डूब व वन भूमि क्षति पूर्ति में दो गांव की जमीन कॉमन होने से कुल प्रभावित गांव की संख्या 21 हो रही है।
फैक्ट फाइल
गांव प्रभावित घर
बसौदा 39
भरकुआं 57
ढोढऩ 132
घौरारी 33
खरियानी 300
कुपी 512
मैनारी 75
पलकोंहा 452
शाहपुरा 88
सुुकवाहा 225
