छतरपुर. तीन दिन चली कपड़ा कारोबारी फर्मो की जीएसटी जांच के बाद कारोबारी ने कर चोरी के 37.35 लाख रुपए सरेंडर किए है। एंटी इवेजन ब्यूरो ने जांच कार्रवाई पूर्ण करते हुए गुप्ता इंटर प्राइजेज के कारोबारी जय कुमार गुप्ता की फर्म 7.33 लाख की जीएसटी चोरी पकड़ी है। इसके साथ साकेत गुपप्ता की फर्म भगत जी से 17.89 लाख के कर अपवंचन का खुलासा हुआ है। टीम ने लक्ष्मी इंटरप्राइजेज के लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता की फर्म की जांच में 12.12 लाख की जीएसटी चोरी को उजागर किया है। इस तरह कुल 37.35 लाख रुपए की राशि सरेंडर की गई है।

बगैर बिल के माल बिक्री किए जाने की पुष्टि
फर्मो द्वारा कच्चे में माल की बिक्री कर जीएसटी की चोरी की गई थी। स्टॉक के फिजिकल वेरिफिकेशन में माल कम पाया गया है। इसके चलते कपड़ा कारोबारी लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता, साकेत गुप्ता और जय कुमार गुप्ता के खिलाफ माल सेवाकर अधिनियम की धारा 35 (6) एवं धारा 74 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। एंटी इवेजन ब्यूरो सतना की टीम ने कपड़ा कारोबारियों की तीन फर्मों की जांच की तो जीएसटी की चोरी के लिए बगैर बिल के माल की बिक्री किए जाने की पुष्टि हो गई। राज्यकर अधिकारी ने बताया कि सतना एंटी इवेजन ब्यूरो की 17 सदस्यीय टीम असिस्टेंट कमिश्नर विवेक दुबे, सहायक आयुक्त राजीव गोयल, राज्यकर अधिकारी नावीन दुबे, शैलेन्द्र पांडेय, मृत्युंजय तिवारी, प्रमोद शर्मा, विकास अग्रवाल, मनीष शर्मा, निरीक्षक अनिल बनाकर, प्रमोद शर्मा, सुरेश साकेत, संजीव त्रिपाठी समेत हेमंत रावत उपस्थित रहे।

इनका कहना है
फिजिकल वेरिफिकेशन में गोदाम में माल कम पाया गया है। जीएसटी की चोरी पर कारोबारियों ने 37 लाख 75 हजार की राशि सरेंडर की है। तीनों फर्मों के संचालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर सम्मान जारी किया गया है।
विवेक दुबे, असिस्टेंट कमिश्नर, एंटी इवेजन ब्यूरो सतना
