
The daughter-in-law was thrown out of the house to give birth to the girls
छतरपुर. तीसरी बच्ची को जन्म देने के कारण महिला को घर से निकाल दिया गया। तीन बच्चियों को जन्म देने के कारण ससुराल पक्ष इतना खफा हो गया कि उसने बहू सीता साहू को बाहर का रास्ता दिखा दिया। 15 दिन की दुधमुंही बच्ची को लेकर कभी एसपी कार्यालय तो कभी कलेक्टर कार्यालय जाती है। कांग्रेस नेत्री अनवरी खातून के साथ शनिवार को एक बार फिर एसपी ऑफिस पहुंचने के बाद कोई नहीं मिला तो सीएसपी से संपर्क किया गया। उन्होंने महिला को थाने भिजवाकर कार्रवाई का भरोसा दिया है। प्रसूति से पहले भी गर्भवती हालत में ही सीता को घर से बाहर निकाल दिया गया था। बाद में लोगों के हस्तक्षेप से उसे सुरक्षित जगह पर रखकर उनकी डिलेवरी करवाई गई थी।
कांगे्रस नेत्री अनवरी खातून ने बताया कि सागर रोड में रहने वाली सीता साहू पत्नी पुष्पेन्द्र साहू को उसका ससुराल पक्ष दर-दर की ठोकरें खिलाने के लिए बेवस कर रहा है। 15 दिन पहले सीता ने तीसरी बच्ची को जन्म दिया तो पति सहित सास-ससुर व अन्य सदस्यों ने उसे घर से भगा दिया। घरेलू हिंसा की शिकार सीता को न्याय और आसरे की जरूरत है। उधर सीता साहू का कहना है कि पूर्व में दो पुत्रियों को जन्म दिया था। एक पुत्री की सही परवरिश नहीं होने से उसकी मौत हो चुकी है। 15 दिन पहले फिर एक बच्ची को जन्म दिया है। सीता के मुताबिक उसके ससुर मानिक लाल, जेठ जगदीश, जेठानी नीतू, पति पुष्पेन्द्र सहित सास और देवर लगातार प्रताडि़त कर रहे हैं। अनवरी खातून ने इस पूरे घटनाक्रम से आइजी सागर को अवगत कराया। आइजी के निर्देश पर सीएसपी उमेश शुक्ला एसपी ऑफिस आए और उन्होंने महिला की पीड़ा सुनी। महिला सीएसपी के पैर पकड़कर आसरा दिलाने की गुहार लगा रही थी। सीएसपी ने कहा कि महिला का मामला पिछले एक साल से चल रहा है। सिविल लाइन टीआई रहे विनायक शुक्ला ने इसे सुलझाने का प्रयास किया था फिर से थाने भेजकर कार्रवाई करा रहे हैं।
Published on:
01 Sept 2019 09:16 am
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