
विलेज होम स्टे
मध्य प्रदेश में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित होम स्टे योजना इन दिनों राज्यभर में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। खासतौर पर खजुराहो, ओरछा और उज्जैन जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में लोग अपने घरों को पर्यटन के लिए रजिस्टर्ड करवा रहे हैं और पर्यटकों को स्थानीय अनुभव प्रदान कर रहे हैं। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक उज्जैन में 34, भोपाल में 28, इंदौर में 26, ओरछा में 24 और खजुराहो में 20 होम स्टे चार अलग-अलग कैटेगरी में पंजीकृत हो चुके हैं। खजुराहो जैसे पर्यटन नगरी के लोग पारंपरिक व्यवसायों के साथ-साथ अब होम स्टे के रूप में नई आजीविका का साधन तलाश रहे हैं।
छतरपुर जिले में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पांच गांवों में विशेष रूप से विलेज होम स्टे बनाए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत, खान-पान और रहन-सहन को जानने के इच्छुक विदेशी पर्यटक इन होम स्टे की ओर आकर्षित हो रहे हैं। जिले के राजनगर ब्लॉक के धमना और बसाटा, बिजावर ब्लॉक के रामनगर और चंदनपुरा तथा नौगांव ब्लॉक के ग्राम गोरा में होम स्टे के लिए विशेष आवासीय निर्माण कार्य किया गया है। यह योजना न केवल पर्यटकों को देसी अनुभव दे रही है, बल्कि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी उपलब्ध करा रही है।
होम स्टे योजना को लेकर राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई संपत्तिधारक अपने आवासीय भवन के एक हिस्से को पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराता है, तो इसे वाणिज्यिक संपत्ति के रूप में नहीं माना जाएगा। इस योजना के अंतर्गत बेड एंड ब्रेकफास्ट की तर्ज पर घरेलू माहौल में भोजन, ठहरने, और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जाती है, जिससे पर्यटकों को स्थानीय जीवनशैली का अनुभव होता है और घर के मालिक को अतिरिक्त आमदनी होती है।
नोडल अधिकारी मनोज सिंह के अनुसार प्रदेश में विलेज होम स्टे कॉन्सेप्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है। छतरपुर जिले में खजुराहो के आसपास बसाटा, धमना सहित पांच स्थानों पर होम स्टे तैयार किए गए हैं। इन घरों में रहने वाले परिवार अपने पारंपरिक घर को ही पर्यटन स्थल में बदलकर पर्यटकों के लिए आवास, भोजन और देसी अनुभव उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि होम स्टे में बुंदेली व्यंजन जैसे बाटी, कढ़ी, चने की घुघरी, मक्का-झुंगी जैसे खास पकवान बनाए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं और स्थानीय रसोइयों को भी रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढऩे का मौका मिला है।
होम स्टे योजना से पर्यटकों को बजट होटल की तुलना में सस्ती, सुरक्षित और घरेलू सुविधा प्राप्त हो रही है। साथ ही उन्हें क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता, लोक कला, संगीत और जीवनशैली को करीब से जानने का अवसर मिलता है। यह अनुभव पर्यटकों को पारंपरिक होटल सुविधाओं से कहीं अधिक गहराई और जुड़ाव प्रदान करता है। जिले में तेजी से लोकप्रिय हो रहा होम स्टे कॉन्सेप्ट पर्यटन और रोजगार का बेहतरीन संगम बनता जा रहा है। यह योजना आने वाले समय में ग्रामीण आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण का मजबूत जरिया बन सकती है।
Published on:
15 Apr 2025 10:28 am
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