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बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए बस्ते का बोझ निर्धारित, लेकिन नहीं होता पालन

कक्षा 1 से लेकर पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के बस्ते का वजन 8 से 10 किलोग्राम तक हो गया है। इससे न केवल उनकी शारीरिक सेहत पर असर पड़ रहा है, बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।

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school bag

भारी भरकम बस्ते के साथ छात्राएं

बच्चों पर बस्ते का बढ़ता बोझ उनकी सेहत के लिए चिंता का कारण बन गया है। कक्षा 1 से लेकर पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के बस्ते का वजन 8 से 10 किलोग्राम तक हो गया है। इससे न केवल उनकी शारीरिक सेहत पर असर पड़ रहा है, बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है। बच्चों को भारी बस्ता ढोने के कारण उनकी लंबाई पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसके बावजूद, सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं हो पा रहा है।

बच्चों की सेहत पर पड़ रहा असर


इन बच्चों का दिन बेहद थका देने वाला होता है। सुबह से शाम तक स्कूल की पढ़ाई और फिर बस्ते का भारी बोझ। बच्चों का बस्ता इतना भारी हो गया है कि वे दिनभर की पढ़ाई के बाद सामान्य गतिविधियाँ भी ठीक से नहीं कर पाते। शाम को स्कूल से लौटने के बाद थकान के कारण उनका भोजन भी प्रभावित हो रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि बच्चों को अत्यधिक भारी बस्ता उठाने से उनकी शारीरिक विकास पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उनकी लंबाई कम हो रही है और उनके कंधों पर गंभीर दबाव बन रहा है।

राज्य शासन ने 2019 में जारी किए थे निर्देश


राज्य शासन ने 2019 में प्राथमिक कक्षाओं से लेकर कक्षा 10 तक के बच्चों के बस्ते का वजन निर्धारित किया था। इसके तहत कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए बस्ते का वजन 2.5 किलो से अधिक नहीं होना चाहिए। यही नहीं, कक्षा 9 और 10 के बच्चों के लिए बस्ते का वजन 4.5 किलो तक निर्धारित किया गया था। इसके अलावा, कुछ कक्षाओं में बच्चों को बिना किताबों के भी कक्षाएं आयोजित करने का आदेश था, ताकि बस्ते का बोझ कम किया जा सके। लेकिन इन दिशा-निर्देशों का पालन स्कूलों में नहीं हो रहा है।

कक्षा 1 और 2 के बच्चों को होमवर्क नहीं


नई नीति के अनुसार, प्राइमरी स्कूल के बच्चों के बस्ते का वजन ढाई किलो से अधिक नहीं होना चाहिए। इस नीति में बच्चों को दिए जाने वाले होमवर्क पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। अब कक्षा 1 और 2 के बच्चों को कोई होमवर्क नहीं दिया जाएगा, ताकि वे मानसिक रूप से तनाव मुक्त रह सकें। कक्षा 3 से 5 तक के बच्चों को सप्ताह में दो घंटे से अधिक होमवर्क नहीं दिया जाएगा, जबकि कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को प्रतिदिन एक घंटे और कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों को अधिकतम दो घंटे होमवर्क देने की अनुमति होगी।

फैक्ट फाइल


पहली कक्षा- 1.6-2.2 किग्रा
दूसरी कक्षा- 1.6-2.2 किग्रा
तीसरी कक्षा- 1.7-2.5 किग्रा
चौथी कक्षा- 1.7-2.5 किग्रा
पांचवीं कक्षा- 1.7-2.5 किग्रा
छठवीं कक्षा- 2-3 किग्रा
सातवीं कक्षा- 2-3 किग्रा
आठवीं कक्षा- 2.5-4 किग्रा
नौवीं कक्षा- 2.5-4 किग्रा
दसवीं कक्षा- 2.5-4.5किग्रा

इनका कहना है


सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों को शासन के आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दिशा में जांच के लिए विशेष टीमें बनाई जाएंगी और शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आरपी प्रजापति, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी