
पन्ना नाका पर आपस में उलझते वाहन
शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को लेकर यातायात पुलिस और नगर पालिका (नपा) ने कई योजनाओं की घोषणा की है, लेकिन इन योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी देखने को मिल रही है। शहर के मुख्य सडक़ों पर रोजाना जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है, लेकिन जाम को नियंत्रित करने के लिए पुलिस का पर्याप्त अमला मौजूद नहीं है। शहर में कुल 62 पुलिसकर्मियों का स्टाफ ट्रैफिक को संभालने के लिए स्वीकृत है, लेकिन फिलहाल केवल 39 पुलिसकर्मियों के साथ काम चलाया जा रहा है।
शहर में ट्रैफिक कंट्रोल के लिए 20 प्वाइंट बनाए गए हैं, लेकिन पुलिस बल की कमी के कारण केवल 12 प्वाइंटों पर ही ड्यूटी लगाई जाती है। यही कारण है कि जब कभी कहीं जाम लगता है, तो वहां पुलिस पहुंचने में देरी हो जाती है। शहर के ट्रैफिक का दबाव दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, क्योंकि शहर के अंदर से दो नेशनल हाइवे गुजरते हैं, जिनसे रोजाना लगभग 20000 वाहन निकलते हैं। इसके अलावा, शहर में 3 लाख के आसपास दोपहिया और चार पहिया वाहन हैं, जो ट्रैफिक समस्या को और बढ़ाते हैं।
हालांकि, छत्रसाल चौराहे पर जाम की समस्या से निपटने के उपायों की योजना बनाई जा रही है। यातायात पुलिस ने चार प्रमुख स्थानों पर 45 लाख रुपए की लागत से ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम लगाए थे, लेकिन उनमें से केवल एक सिग्नल चालू है। बाकी तीन सिग्नल खराब पड़े हुए हैं, जिनमें पन्ना नाका, फव्वारा चौक और छत्रसाल चौक शामिल हैं।
यातायात प्रभारी बृहस्पति साकेत के अनुसार, शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए ब्लूप्रिंट पर काम चल रहा है। आने वाले दिनों में महानगरों की तर्ज पर शहर का ट्रैफिक सिस्टम व्यवस्थित किया जाएगा। इसके तहत चौराहों का चौड़ीकरण और सभी स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे। नपा द्वारा रोड चौड़ीकरण का काम भी शुरू किया गया है, जिसके बाद छत्रसाल चौराहे पर जाम की समस्या से कुछ हद तक निजात मिल सकेगी।
इसके अलावा, ट्रैफिक पुलिस ने ई-रिक्शा और ऑटो वाहन के लिए 9 रूट भी निर्धारित किए हैं। ये रूट बस स्टैंड, फव्वारा चौक, छत्रसाल चौराहा, महलों, रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख स्थानों से गुजरेंगे। इस योजना के तहत पार्किंग को भी व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि वाहनों को निर्धारित रूट पर चलाने में कोई समस्या न हो। हालांकि, अभी तक इन योजनाओं पर अमल में देरी हो रही है, जिससे शहरवासियों को जाम और ट्रैफिक समस्या से निजात मिलने में वक्त लग सकता है।
रजिस्टर्ड वाहन- 3 लाख
ट्रैफिक सिग्नल- 04
चालू सिग्नल- 01
ट्रकों की संख्या- 2500
बसों की संख्या-500
नेशनल हाइवे पर ट्रैफिक दबाव- 20 हजार वाहन प्रतिदिन
Published on:
23 Mar 2025 10:42 am
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