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इस बार भाइयों की कलाई पर बंधेगी देसी राखी, त्योहार को खास बनाएंगे गिफ्ट आयटम

सादा व डिडाइनर राखियां बाजार में आईं, देसी राखियों की डिमांड कर रहे लोगदुकानों में चाइनीज राखियों का पुराना स्टाक, लेकिन लोग नहीं कर रहे डिमांड

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डिजाइनर राखियां

डिजाइनर राखियां

छतरपुर. भाई-बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन ३० अगस्त को है। बाजार में अभी से राखियां नजर आने लगी हैं। पर्व के लिए इस बाद देसी राखियों की मांग बढ़ी है। इस बार चाइनीज राखियों की तुलना में लोगों की पसंद देसी राखी बनी हुई है। दुकानों पर नाममात्र की ही चाइनीज राखियां देखने को मिल रही है। लोगों का रूझान सबसे ज्यादा देश में बनी राखियों की ओर है। राखियों में जरदोजी, मोती और मिरर वर्कवाली राखियां आर्कषण का केन्द्र बनी हुई हैं।

तरह-तरह की देसी राखियां बनी आर्कषण
स्वदेशी के प्रचार प्रसार का असर बाजार पर साफ दिख रहा है। रक्षाबंधन पर्व पर चाइनीज के बजाय स्वदेशी राखी की धूम मची हुई है। ऐसा नहीं है कि बाजार में चाइनीज राखी मौजूद नहीं है। दुकानदारों ने पूर्व की तरह चाइनीज राखी दुकानों पर सजा रखी है लेकिन खरीदार नहीं मिल रहे हैं। राखी दुकानदार अमित खरे ने बताया कि देश में बनी स्टोन, मौली, इलेक्ट्रानिक और कार्टून राखियों को बड़े और बच्चे पसंद कर रहे हैं। राखियों में भाई-भाभी की जोड़ी वाली राखियों के साथ ही कड़े वाली, ब्रेसलेट समेत अनेक प्रकार की डिजाइनर राखियां पारंपरिक वर्क की राखियों की डिमांड है। पूजन वाली राखियां भी बाजार में आई हैं। बाजार में 5 रुपए से 100 रुपए तक की राखियां मौजूद हैं।

ये है देसी राखियों के दाम
दुकानदार रिंकू लक्षकार ने बताया कि चावलवाली राखी 10 रुपए से लेकर 20 रुपए तक, स्टोन वाली राखी 10 रुपए से लेकर 100 रुपये तक, कार्टून राखी पांच रुपए से लेकर 30 रुपए तक में मिल रही है। इसी तरह स्पीनर लाइट राखी 30 रुपए से लेकर 70 रुपए तक, मौली राखी पांच रुपए से लेकर 20 रुपए तक, थाली रक्षा रोल राखी 30 रुपये से लेकर 100 रुपए तक, लुंबा पेपर राखी 10 रुपए से लेकर 50 रुपए तक, फोम राखी दो रुपए से लेकर पांच रुपए तक, रुद्राक्ष राखी पांच रुपए से लेकर 25 रुपए पीस के दाम पर बाजार में मौजूद है।

बच्चों की राखी के ज्यादा विकल्प
बाजर में बच्चों की राखी के ज्याद विकल्प मौजूद हैं। बच्चों के लिए डिजाइनर राखी के साथ ही टेडी वियर, डोरयमोन, छोटा भीम, बाहुबली, मोटू-पलतू जैसे कार्टून करेक्टर वाली राखियां बाजार में आईं हैं। बच्चों की राखियां डिजाइनर होने के साथ ही कार्टून हीरो की तस्वीर से सु-सज्जित हैं। बच्चों के लिए मोदी राखी भी आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। राखी दुकान के संचालक मुन्ना कुशवाहा ने बताया कि बच्चों के लिए 25 से 100 रुपए में काटूर्न राखियां मिल जाती हैं।

चांदी की राखियां भी
बाजार में चांदी से बनी राखियों की भी डिमांड है। चेन और ब्रेसलेट के लुक वाली चांदी से बनी राखियां 200 से लेकर 2000 रुपए तक में बाजार में उपलब्ध हैं। सोने-चांदी के दुकानों पर मिलने वाली चांदी की राखियों का वजन 3 ग्राम से लेकर 30 ग्राम तक है। चौक बाजार में सोने-चांदी के गहने बनाने वाले स्वर्णकार कमलेश सोनी ने बताया कि चांदी की राखियां लंबे समय तक सुरक्षित रखी जा सकती हैं,ब्रेसलेट के डिजाइन की राखी होने के कारण इसे हमेशा पहना जा सकता है,इसलिए इनकी अच्छी डिमांड रहती है।

इस बार भद्रा का रहेगा साया
इस बार सावन माह की पूर्णिमा तिथि 30 अगस्त को है, लेकिन इस दिन भद्रा का साया है। अगर पूर्णिमा तिथि पर भद्रा का साया हो तो भद्राकाल में राखी बांधना अशुभ माना जाता है। भद्राकाल के समापन के बाद ही राखी बांधनी चाहिए। पंडित श्यामाचरण चौबे के मुताबिक 30 अगस्त के दिन भद्राकाल रात में 9 बजकर 2 मिनट पर समाप्त होगा। इसके बाद ही राखी बांधने का शुभ मुहूर्त शुरू होगा। 30 अगस्त 2023 को मध्यान्ह 12.20 से 1.54 तक राहुकाल रहेगा और सुबह 10.19 मिनट से पंचक शुरू होंगे। 30 अगस्त को रात में 9 बजकर 2 मिनट पर भद्राकाल समाप्त होगा. वहीं सावन पूर्णिमा 31 अगस्त को सुबह 7.05 मिनट पर खत्म होगी. इसलिए रात में भद्रा खत्म होने के बाद और 31 अगस्त को सुबह 7 बजकर 5 मिनट से पहले राखी बांधी जा सकती है।