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इस बार 125 नहीं 51 फीट का बन रहा रावण का पुतला, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले भी बन रहे

शहर के उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक एक के खेल मैदान में रावण के पुतले को बनाने का कार्य जारी है। आगरा से आए कारीगरों द्वारा रावण, मेघनाथ एवं कुंभकर्ण के पुतले का भी निर्माण किया जा रहा है। इस बार बाबूराम चतुर्वेदी स्टेडियम की जगह अब उत्कृष्ट विद्यालय के खेल मैदान में ही रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

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पुतला निर्माण

छतरपुर. शहर के उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक एक के खेल मैदान में रावण के पुतले को बनाने का कार्य जारी है। आगरा से आए कारीगरों द्वारा रावण, मेघनाथ एवं कुंभकर्ण के पुतले का भी निर्माण किया जा रहा है। इस बार बाबूराम चतुर्वेदी स्टेडियम की जगह अब उत्कृष्ट विद्यालय के खेल मैदान में ही रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस बार रावण बनाने का कार्य श्री लाल कड़क्का रामलीला समिति आयोजित कर रही है।

8 दिन से चल रहा काम


आगरा से आए कारीगर उस्मान ने बताया कि वे रावण के साथ-साथ मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतला का भी निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 8 दिनों से वे पुतलों का निर्माण कर रहे हैं और तीन-चार दिनों में सभी पुतले बनकर तैयार हो जाएंगे। उनके साथ दो अन्य लोग भी निर्माण कार्य में लगे हैं। उन्होंने बताया कि ये उनका पुस्तैनी काम है वे बचपन से ही पुतला बनाना सीख गए थे।

पिछले साल बनाया था 125 फीट का रावण


उन्होंने छतरपुर में एक वर्ष पहले 125 फीट का रावण का पुतला बनाया था लेकिन इस बार 51 फीट का ही रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है। इसी तरह उनके साथ कार्य कर रहे आरिफ ने बताया कि वे करीब 12 वर्षों से पुतला बनाने का कार्य कर रहे हैं। छतरपुर में उन्होंने पहली ही पुतले के निर्माण में सहयोग किया है। वे देश के अलग-अलग राज्यों में पुतला बनाने जाते हैं।

इन सामग्रियों से बनता है पुतला


उस्मान ने बताया कि पुतला निर्माण के लिए बांस, सुतली, सूत, कागज, कपड़ा, रस्सी, रस्से, बल्लियां, बड़े वाले बांस की आवश्यकता पड़ती है। वे सबसे पहले रावण के घेरे का निर्माण करते हैं इसके बाद अन्य धड़ बनाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का निर्माण तेज गति से जारी है जल्द ही पुतले बनकर तैयार हो जाएंगे।