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छतरपुर। शहर में यातायात व्यवस्था के लिए लगाए गए टै्रफिक सिग्नल में केवल आकाशवाणी तिराहा का ही एक मात्र ट्रैफिक सिग्नल शहर में चल रहा था, लेकिन वह भी पिछले चार दिनों से बंद है। यातायात पुलिस के अधिकारी लगातार इंजीनियर को बुलाने के लिए फोन कर रहे हैं। लेकिन सतना से छतरपुर तक की दूरी वह इंजीनियर तीन दिन में भी तय नहीं कर पाया है। नतीजतन शहर के इस भीड़भाड़ वाले चौराहा पर हर दिन कई-कई बार वाहन भिड़ रहे हैं। रविवार को यहां एक के बाद एक तीन वाहन भिड़े, दो लोग चोटिल हुए। इसी तरह सोमवार को भी यहां पर दो वाहनों के बीच भिड़त हुई। सिग्नल सुधरवाने में इस तरह की लापरवाही के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। गौरतलब है कि चार दिन पहले जब अचानक ट्रैफिक सिग्नल की लाइट जलना बंद हो गईं थी, तो यातायात प्रभारी अंजना दुबे ने कंपनी के लोगों से संपर्क किया था। उन्हें बताया गया था कि सतना से इंजीनियर आकर इसे ठीक करेगा। बाद में कंपनी के लोगों ने यातायात पुलिस के ही फोन उठाना बंद कर दिए। अब तब से यह बंद पड़े हैं।
ट्रैफिक कर्मी ने भी छोड़ा मोर्चा :
आकाशवाणी तिराहा पर हो रहे सड़क हादसों और जाम से परेशान यातयात कर्मियों ने भी ड्यूटी प्वाइंट छोड़ दिया है। वे या तो यहां से नदारद हो जाते हैं या फिर एक किनारे खड़े होकर औपचारिकता पूरी कर रहे हैं। ट्रैफिक जाम में फंसे कॉलेज छात्र राहुल तिवारी ने बताया कि शहर में पहली बार ट्रैफिक सिग्नल चालू हुआ था, लेकिन वह भी बंद हो गया है। शहर के लोगों में कुछ अनुशासन बना था, लेकिन बार-बार सिग्नल बंद होने से समस्या नहीं सुधर रही है।
जल्दी सुधर जाएगा सिग्नल :
यातायात प्रभारी अंजना दुबे ने कहा कि कंपनी के इंजीनियर को सूचना पहले ही दी जा चुकी है। सिग्नल लगाने वाली कंपनी को भी बार-बार कहा जा रहा है। उन्हें समय दे दिया गया है। उम्मीद है कि वे जल्दी इसे ठीक करके चालू करा देंगे।
Published on:
14 Feb 2018, 12:32 PM IST
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