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फर्जी बैंक गारंटी से लिया परिवहन का ठेका, अमानत राशि जब्त करने के आदेश पर खुली पोल

सरकारी खरीदी का 3 ट्रक गेहूं गायब करने के मामले में नया मोड

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छतरपुर. डिकौली व लखनगुवां खरीदी केंद्र से 2600 बोरी सरकारी गेहूं के हेराफेरी परिवहन ठेकेदार सूर्य प्रताप सिंह और महाराजपुर की नपा अध्यक्ष सपना खटीक के पति महादेव खटीक को एडीएम के द्वारा ब्लैकलिस्टेड किए जाने के बाद एक और गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। एडीएम के द्वारा परिवहन ठेकेदार की 20 लाख की अमानत राशि को राजसात किए जाने का आदेश पारित करने के बाद नागरिक आपूर्ति निगम में जमा फर्जी बैंक गारंटी की भी पोल खुल गई है आरोप है कि नान की जिला प्रबंधक रिकी साहू की संदिग्ध भूमिका के चलते परिवहन ठेकेदार और पेटी कांट्रेक्टर ने फर्जी बैंक गारंटी से ठेका हथियाया था। अनुबंध के बाद के निगम ने परिवहन ठेकेदार की बैंक गारंटी का सत्यापन नहीं कराया। इसी के चलते परिवहन ठेकेदार द्वारा फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर जिले में गेहूं का परिवहन किया जा रहा था।

डिकौली और लखनगुवां खरीदी केंद्र से गेहूं की हेराफेरी किए जाने पर अपर कलेक्टर के कोर्ट द्वारा अमानत राशि को राजसात किए जाने के बाद परिवहन ठेकेदार और पेटी कांट्रेक्टर के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। बताया गया है कि अमानत राशि राजसात होने के आदेश के बाद बैंक गारंटी फर्जी होने से नागरिक आपूर्ति निगम के अफसरों में अफरा-तफरी मच गई है। जानकारों का कहना है कि बैंक गारंटी से राशि वसूल किए जाने का आदेश जारी होने के बाद ठेकेदार की करतूत पर पर्दा डालने के लिए नागरिक आपूर्ति निगम ने कवायद तेज कर दी है।

आनन-फानन में जमा कराए गए 10 लाख
परिवहन ठेकेदार की बैंक गारंटी फर्जी पाए जाने के कारण नान ने आनन-फानन में 10 लाख रुपए नगद जमा करा लिए हैं। जानकारों का कहना है कि बैंक गारंटी की राशि नकद जमा नहीं कराई जा सकती। इसके बाद भी निगम के अफसरों द्वारा खुद को बचाने के लिए ताना बाना बुना जा रहा है। अब देखना यह है कि नान की बड़ी लापरवाही के उजागर होने के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

इनका कहना है
परिवहन ठेकेदार ने यदि फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर ठेका लिया है, तो उसके खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। इस मामले में नान डीएम से भी जवाब लिया जाएगा। यदि नान डीएम की लापरवाही पाई जाती है। तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
नम: शिवाय अरजरिया, अपर कलेक्टर

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