
दो महीने में 100 से ज्यादा दुर्घटनाएं, हर दिन लाल हो रही सड़क
छतरपुर. आवारा मवेशियों के चलते झांसी खजुराहो फोरलेन आए दिन खून से लाल हो रही है। एक अनुमान के मुताबिक यहां दो महीने में 100 से ज्यादा हादसे हो चुके हैं जिनमें एक दर्जन लोगों के अलावा लगभग दो दर्जन पशुओं की जान चली गई। लगातार हो रहे हादसों के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अपनी जिम्मेदारी जिला प्रशासन पर डाल रहा है। पिछले 24 घंटे में ही दो हादसों में 10 गायों की मौत हो गई। वहीं, कार क्षतिग्रस्त होने के साथ लोग भी घायल हुए हैं। भारी भरकम टोल वसूलने के वाबजूद फोरलेन पर आवारा मवेशियों को हटाया नहीं जा रहा है। एनएचएआइ आवारा मवेशियों को हटाना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी बता रहा है। वहीं, जिला प्रशासन का कहना है कि समस्या गंभीर है। इसके लिए एक टीम बनाकर कार्रवाई की जाएगी।
हर रोज हो रहे जानलेवा हादसे
बुधवार को छतरपुर के पन्ना रोड पर ग्राम बृजपुरा के समीप एक भीषण हादसा सामने आया। एक तेज रफ्तार कार की टक्कर से फोरलेन पर बैठी 5 गायों की दर्दनाक मौत हो गई। इन गायों के शव कई घंटों तक फोरलेन पर पड़े रहे। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद इन शवों को फोरलेन से हटाया गया। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ही नौगांव के समीप मवेशियों के कारण ही एक कार भीषण दुर्घटना का शिकार हुई थी जिसमें छतरपुर के सनसिटी में रहने वाले एक अग्रवाल दंपत्ति की दर्दनाक मौत हो गई थी। लगभग 10 दिन पहले बमीठा थाना क्षेत्र में भी हादसों के कारण 5 से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। इसी तरह बुधवार को महोबा रोड हाइवे पर भी एक तेज रफ्तार वाहन ने 4 नीलगायों को कुचल दिया जिससे उनकी जान चली गई।
बुधवार-गुरुवार की रात भी हादसा
फोरलेन पर गठेवरा-बृजपुरा के बीच रात में एक और हादसा हुआ। जिसमें ट्रक ने फोरलेन पर पांच गायों को कुचल दिया। गायों की मौत से नाराज ग्रामीणों ने जाम लगाकर विरोध भी जताया। लोगों व मवेशियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जबकि जिम्मेदार अफसर इस समस्या को सुलझाने के बजाए एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
एनएचएआई के अधिकारी बोले कलेक्टर को चिट्ठी लिखी है
एनएचएआई के परियोजना निदेशक पीएल चौधरी का कहना है कि फोरलेन पर बारिश के दिनों में हजारों आवारा मवेशी घूम रहे हैं। किसानों ने अपने खेतों से जानवरों को भगाकर सड़कों पर चढ़ा दिया है। हमारा एक पेट्रोलिंग वाहन है जो इन जानवरों को हटाने में सक्षम नहीं है। आवारा मवेशियों को गौशालाओं में रखना जिला पंचायत एवं जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है। फोरलेन का ठेकेदार इस जिम्मेदारी में अपनी मदद कर सकता है लेकिन पूर्णत: इस जवाबदारी को उसके द्वारा निभाना संभव नहंी है। हमने आज ही कलेक्टर छतरपुर को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि फोरलेन से आवारा मवेशियों को पकड़वाकर ग्राम पंचायतों में मौजूद गौशालाओं में भेजा जाए। वहीं, अपर कलेक्टर प्रताप सिंह चौहान का कहना है कि इस संबंध में कलेक्टर से बातकर एक टीम बनाई जाएगी। जिससे समस्या का समाधान हो सके।
Published on:
04 Aug 2022 04:46 pm
बड़ी खबरें
View Allछतरपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
