26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ में 56 बटुक ब्राम्हण बालकों का हुआ उपनयन संस्कार

देव ऋण, पितृ ऋण व ऋषि ऋण की याद दिलाते हैं यज्ञोपवीत के 3 धागे  

less than 1 minute read
Google source verification
महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ में 56 बटुक ब्राम्हण बालकों का हुआ उपनयन संस्कार

महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ में 56 बटुक ब्राम्हण बालकों का हुआ उपनयन संस्कार

छतरपुर . देरी रोड स्थित महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ महर्षि आश्रम में अध्ययन करने वाले 56 बटुक ब्राम्हण बालकों का उपनयन, वेदारंभ व सभा परिवर्तन संस्कार, ब्रम्हलीन महर्षि महेश योगी के आशीर्वाद व ब्रम्हचारी गिरीश के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत गुरुपूजन से की गई। इसके बाद गौरी-गणेश पूजन, कलश, नवग्रह, सर्वतोभद्र पूजन किया गया। इसके बाद सभी छात्रों को यज्ञोपवीत धारण करवाया गया और आचार्यो द्वारा छात्रों को मंत्र की दीक्षा दी गई। मंत्र की दीक्षा के बाद सभी छात्रों को वेद पुराण, व्याकरण, ज्योतिष आदि विषयों के बारे में जानकारी देकर विधिवत एक-एक मंत्र पढ़ाया गया। यज्ञोपवीत के बादे में आश्रम के मुख्याचार्य ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि यज्ञोपवीत होने के बाद ब्राम्हण द्विज हो जाता है अर्थात जिसका दो बार जन्म होता है उसे द्विज कहते हैं। एक बार जन्म मां के गर्भ से होता है और दूसरा जन्म यज्ञोपवीत संस्कार के बाद होता है। हर ब्राम्हण को हमेशा यज्ञोपवीत धारण करना चाहिए और नित्य प्रतिदिन गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए।
यज्ञोपवीत में 3 धागे होते हैं जो देव ऋण, पितृ ऋण व ऋषि ऋण की याद दिलाते हैं, ताकि ब्राम्हण को ऐसे कार्य करने चाहिए ताकि इन ऋणों से मुक्ति मिले। यज्ञोपवीत व संध्या के बिना ब्राम्हण शूद्रवत रहता है। कार्यक्रम का समापन हवन व आरती के साथ सम्पन्न हुआ। महर्षि आश्रम प्रभारी अरविंद्र निगम व अनिरुद्ध सिंह द्वारा आश्रम की व्यवस्था व संस्थान के बारे में विस्तार से बताकर आए हुए सभी आगंतुकों का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर ओमप्रकाश शर्मा, मनमोहन उपाध्याय, विनोद मिश्रा, टीकाराम शर्मा, जयनारायण शुक्ला, रामस्वरूप तिवारी, रामकिशोर तिवारी, जवाहर मिश्रा, प्रमोद द्विवेदी, लखनलाल पाठक के अलावा शहर के गणमान्य नागरिक व छात्रों के अभिभावक उपस्थित रहे।