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गांव के बच्चे सीख रहे मलखंब की कला, प्रशिक्षण से निखर रहा हुनर

खेल एवं युवा कल्याण विभाग के मलखंब प्रशिक्षक 6 माह से दे रहे प्रशिक्षण

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मलखंब सीखते बच्चे

मलखंब सीखते बच्चे

छतरपुर. खेल एवं युवा कल्याण विभाग के मलखंब प्रशिक्षक 6 माह से जिला मुख्यालय से लगे नारायणपुरा गांव के छोटे-छोटे बच्चों को मलखंब का निशुल्क प्रशिक्षण देकर पारंगत बना रहे हैं। यह बच्चे सप्ताह में 3 दिन गांव के प्राथमिक स्कूल में शाम के समय और रविवार को अपने परिजन के साथ शहर में पन्ना रोड स्थित बाबूराम चतुर्वेदी स्टेडियम पहुंचकर सुबह के समय प्रशिक्षण ले रहे हैं।

मलखंब प्रशिक्षक सुरेश निगम ने बताया कि गांव के समाजसेवी तरुण वाजपेयी ने 6 माह पहले गांव के बच्चों में मलखंब के प्रति रुचि देखी। इसके बाद वे युवा कल्याण विभाग के कार्यालय आए और नारायणपुरा गांव में मलखंब का प्रशिक्षण शुरू करने का अनुरोध किया। जिसे स्वीकार करते हुए मलखंभ प्रशिक्षक ने गांव के प्राथमिक स्कूल में प्रशिक्षण शुरू कर दिया। धीरे-धीरे गांव के बच्चों में मलखंभ के प्रति उत्साह बढ़ा और आज गांव के 50 बच्चे प्रशिक्षण ले रहे हैं।

प्रशिक्षक ने बताया कि सप्ताह के तीन दिन इन बच्चों को शाम के समय 4 बजे से रात 8 बजे तक गांव में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रविवार को बच्चों की छुट्टी होती है, इसलिए सभी बच्चों को शहर के स्टेडियम में अन्य बच्चों के साथ प्रशिक्षण दिया जाता है। ताकि मलखंब में पारंगत बच्चों को देखकर उनकी जिज्ञासा और बढ़े। प्रशिक्षक ने बताया कि बच्चे को मलखंब सिखाने की शुरुआत सूर्य नमस्कार से की जाती है। इसके बाद बच्चे को मलखंभ पर चढऩा और उतरना सिखाया जाता है। इसके बाद पद्मा आसन, चकरा आसन, चको आसन, मयूर आसन, द्रोण आसन, वाणेगुरू की पकड़ और हैंड स्टैंड सिखाया जाता है। बच्चे भी इसमें रुचि दिखा रहे।