
रक्षा कवच के साथ लुगासी ग्राम के युवा
छतरपुर. आजकल साइबर अपराध और ठगी की घटनाएं बढ़ गई हैं और इसके प्रति जागरूकता की कमी के कारण लोग अक्सर ठगों के जाल में फंस जाते हैं। इस बढ़ते खतरे से बचने के लिए छतरपुर पत्रिका द्वारा चलाए गए रक्षा कवच अभियान ने जिले के ग्रामीण इलाकों में ठगी और साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक करने का एक सफल प्रयास किया है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को यह समझाना है कि किस तरह ठगी के शिकार से बचा जा सकता है और अपने व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। अभियान के तहत गाँव-गाँव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां ग्रामीणों को ठगी के विभिन्न प्रकारों के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही, उन्हें यह भी बताया गया कि अनजान फोन कॉल्स, मैसेजेस या व्हाट्सएप कॉल्स को कैसे पहचानें और उन्हें नजऱअंदाज़ करें।
पत्रिका ने इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए कई माध्यमों का इस्तेमाल किया। शैक्षिक सत्रों में, पॉम्फ्लेट्स, होर्डिंग्स, और पोस्टर्स के माध्यम से ग्रामीणों को सतर्क किया गया। इसके अलावा, कुछ स्थानों पर नुक्कड़ नाटक भी आयोजित किए गए, जिनमें ठगी के तात्कालिक संकेत और उनसे बचाव के उपाय दिखाए गए। इस अभियान ने खास तौर पर उन लोगों को फोकस किया जो साइबर ठगी और फोन कॉल ठगी के शिकार होते हैं। उदाहरण के लिए, अक्सर ठग लोग खुद को बैंक या सरकारी अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करते हुए लोगों से उनकी व्यक्तिगत जानकारी और बैंक डिटेल्स मांगते हैं। इस जागरूकता अभियान ने लोगों को बताया कि ऐसी कॉल्स को कैसे पहचाना जाए और उन पर प्रतिक्रिया न देने की सलाह दी।
लुगासी गांव के ग्रामीणों सुरेश चतुर्वेदी, राजीव, मोनू राजा, सत्येंद्र राजा, रोहित परमार, राजेंद्र सिंह बुंदेला, राणा प्रताप परमार ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से उन्हें ठगी के कई नए तरीके और जालों के बारे में जानकारी मिली है। अब वे ठगों के झांसे में नहीं आ रहे हैं और अपने डेटा को सुरक्षित रखने के लिए सतर्क रहते हैं।अभियान के प्रति ग्रामीणों का उत्साह देखकर यह कहा जा सकता है कि अब वे पहले से कहीं अधिक जागरूक हो चुके हैं। पहले जब हमें अनजान नंबर से फोन आता था, तो हम सोचते थे कि कोई बैंक या सरकार से जुड़ा मामला होगा, लेकिन अब हमें पता है कि हमें ऐसी कॉल्स पर कैसे रिएक्ट करना चाहिए। यह अभियान बहुत मददगार साबित हुआ है। एक अन्य ग्रामवासी राजेश ने कहा मुझे अब यह समझ में आ गया है कि अपने पर्सनल डिटेल्स को किसी से भी शेयर नहीं करना चाहिए, चाहे वो कितना भी विश्वसनीय क्यों न लगे। मैंने अपने परिजनों से भी इस बारे में बात की और अब वह भी सतर्क है।
अभियान के बाद अब ग्रामीण खुद ठगों के झांसे को पहचानने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह अभियान अब एक चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले समय में पत्रिका के प्रतिनिधियों ने यह सुनिश्चित किया है कि अभियान को और बढ़ाया जाए और अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए, ताकि साइबर अपराध और ठगी से बचाव के उपाय लोगों तक पहुंच सकें। पत्रिका द्वारा इस अभियान को लेकर पुलिस प्रशासन और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ भी मिलकर काम किया जा रहा है, ताकि ठगी की घटनाओं को और भी कम किया जा सके और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
रक्षा कवच अभियान ने यह साबित कर दिया है कि जागरूकता और शिक्षा से साइबर अपराधों को काफी हद तक रोका जा सकता है। अब ग्रामीण यह समझने लगे हैं कि ठगी सिर्फ शहरी इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव दूरदराज इलाकों में भी है। यह अभियान एक मील का पत्थर साबित हुआ है और छतरपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में एक नई जागरूकता की लहर दौड़ा दी है। अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस तरह के और भी अभियान चलाए जाएंगे, ताकि हर व्यक्ति ठगी और साइबर अपराध से सुरक्षित रह सके।
Published on:
31 Jan 2025 10:42 am
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