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वाटर हार्वेस्टिंग: लापरवाही में बह गया बारिश का पानी, सरकारी भवनों तक में नहीं सिस्टम

पीआइयू व पंचायतें निर्माण में नहीं दे रही वाटर हार्वेस्टिंग के जरिए पानी बचाने पर ध्यान

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जिला अस्पताल भवन में नहीं संरक्षित हो रहा बारिश का पानी

जिला अस्पताल भवन में नहीं संरक्षित हो रहा बारिश का पानी

छतरपुर. 1 जून से अब तक 30 इंच बारिश हुई। अच्छी बारिश के वाबजूद सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम न होने से लाखों लीटर पानी बर्बाद हो गया। क्योंकि जिला मुख्यालय पर पीडब्लूडी विभाग की पीआइयू शाखा द्वारा बनाए गए नए सरकारी भवनों में से एक में भी वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाया गया है। इस कारण बारिश के दौरान निकलने वाला लाखों गैलन पानी नालियों से होकर बह कर बरबाद हो जाता है। प्रत्येक बारिश में यह पानी यूंही बरबाद होता रहा तो आने वाले दिनों में शहर के अंदर और भी अधिक पेयजल संकट गहरा जाएगा।

जिला मुख्यालय पर भी नहीं दे रहे ध्यान
छतरपुर शहर में करीब पौने 3 लाख लोग निवास करते हैं। लगातार शहर के अंदर गिर रहे जब स्तर को रोकने के लिए कुछ समाजसेवियों ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए प्रयास किए, लेकिन धीरे-धीरे व्यवस्था में लगे अधिकारी, कर्मचारी इसे भूल गए। अब स्थिति यह है कि सरकारी भवन हो या फिर प्राइवेट वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम कहीं पर भी नजर नहीं आते। जिले में गिरते जलस्तर की बीते 10 सालों की रिपोर्ट भयावहता का संकेत दे रही है। इसके बावजूद न जनता चेत रही है और न ही जनप्रतिनिधि। प्रशासन के जिम्मेदार अफसर भी भू-जल को रीचार्ज करने के प्रति गंभीर नहीं हैं। वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम कलेक्टोरेट के एक हिस्से में दिखाई देता है, वह भी छतिग्रस्त पड़ा हुआ है। पिछले दिनों जिला मुख्यालय पर कई नए भवनों को निर्माण शासन द्वारा कराया गया, पर इन सभी भवनों में नियमों की अनदेखी करते हुए हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाया गया।

558 पंचायतों सहित नगर पालिका भवनों में भी नहीं वॉटर हार्वेस्टिंग
गिरते जल स्तर के कई कारण है, लेकिन प्रमुख कारण शहर में कई स्थानों पर हुई बोरिंग है। जिले में पिछले 15 वर्षो में शहर के अंदर बड़ी मात्रा में बोर कराए गए। यह भूमिगत जल स्तर के लिए घातक साबित हो रहे हैं। वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर भी शासन-प्रशासन द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। जिले की 558 ग्राम पंचायतों, 12 नगर परिषद और 3 नगर पालिका परिषद में से किसी भी निकाय द्वारा पानी संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगवाए गए हैं।

नगर पालिका कॉम्पलेक्स बहा रहे हजारों गैलन पानी
जिला मुख्यालय पर बने नगर पालिका भवन सहित नपा द्वारा बनवाए गए कॉम्पलेक्सों में भी कहीं पानी संरक्षण के कोई इंतजाम नहीं हैं। शहर के अंदर नगर पालिका द्वारा जवाहर रोड पर सांतरी तलैया के पास, किशोर सागर तालाब के पास 2 और ऑडिटोरियम भवन के पास एक कॉम्पलेक्स बनाया गया है। इसके साथ ही महोबा रोड, बस स्टैंड एक और दो, पुराना पन्ना नाका, छत्रसल चौराहा, सटई रोड, पुरानी गल्ला मंडी सहित करीब 25 कॉम्पलेक्स बनाए गए हैं। इन सभी कॉम्पलेक्स की सैकड़ों दुकानों से नगर पालिका छतरपुर को लाखों रुपए की प्रतिमाह आमदनी होती है। पर विभाग द्वारा इनमें हार्वेस्टिंग सिस्टम फिट नहीं कराए गए हैं।

इन बड़े सरकारी भवनों में भी नहीं है हार्वेस्टिंग सिस्टम
जिला अस्पताल परिसर में 14 हजार वर्गफीट में नया अस्पताल भवन पीडब्लूडी की शाखा पीआइयू द्वारा बनाया गया है। यह पंाच मंजिला भवन सेंट्रलाइज एसी सहित अन्य आधुनिक सुवधाओं से लैस है, पर इस भवन में पीआइयू द्वारा वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम फिट नहीं किया गया है। इस कारण बारिश के दौरान छत से निकलने वाला पानी परिसर से होते हुए बाहर जाकर बरबाद हो जाता है। इसी प्रकार पीडब्लूडी की शाखा पीआइयू द्वारा सागर रोड पर नया यातायात भवन, जवाहर रोड पर नया तहसील भवन, एसपी कार्यालाय के बगल में रजिस्ट्रार कार्यालय सहित कई सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाए गए हैं।

कलक्टर ने सिस्टम एक्टिव रखने के दिए निर्देश
कलेक्टर ने जल शक्ति अभियान के तहत शासकीय भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम एक्टिवेट रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा शहर के पार्कों में भी रेन वॉटर हार्वेस्टिंग करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने नगरीय निकाय क्षेत्रों में भी तालाबों में मुनारे लगाने के निर्देश भी दिए।