
मोबाइल पर झाड़ फूंक कराते मरीज के परिजन
छतरपुर जिला अस्पताल का मामला...
छतरपुर. जिले में अंधविश्वास का जीता जागता उदाहरण शनिवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में देखने को मिला। जहां एक युवक की अचानक तबियत बिगड़ने से बेहोश हो गया और परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। हैरत तो तब हुई जब युवक के पिता ने युवक के कानों में मोबाइल लगाकर किसी ओझा से बात कराते हुए टोने- टोटके कराए। युवक दो बार बेहोश हुआ। बाद में डॉक्टर ने परिजनों को भगाया और युवक को भर्ती किया।
सटई रोड निवासी 19 साल का गणेश प्रजापति पिता जगदीश शनिवार की शाम अचानक से बेहोश होकर घर के पास गिर गया। गणेश के दो भाई मोटरसाइकिल से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां इमरजेंसी में सेवा दे रहे डॉ नीरज सोनी ने गणेश की आंखों को दबाया तो उसकी बेहोशी दूर हो गई और खड़ा हो गया। अस्पताल से बाहर आते ही गणेश एक बार फिर बेहोश हो गया। जिसे फिर से इमरजेंसी में लाया गया। डॉक्टर ने इस बार स्पि्रट सुंघाकर उसकी बेहोशी को दूर किया ही था, तभी युवक के पिता जगदीश प्रजापति आ गया और जेब से मोबाइल निकालकर किसी ओझा का नंबर मिलाया।
दो मिनट चली झाड़फूंक
इमरजेंसी विभाग में युवक को मोबाइल के माध्यम से दो मिनट तक उसके पिता ओझा से टोटके करवाते रहे और ओझा भी लगातार युवक को स्वस्थ करने के लिए अपना जादू-टोटका करता रहा। बाद में डॉक्टर नीरज सोनी और सुरक्षाकर्मी ने आकर युवक के पिता को डांटा और गणेश को भर्ती किया। डॉक्टर नीरज सोनी का कहना है कि युवक को मानसिक बीमारी है। जिस वजह से उसे बार-बार बेहोशी आ रही है।
Updated on:
03 Jan 2026 07:39 pm
Published on:
03 Jan 2026 07:39 pm
