Where is Bageshwar Dham?- मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में है बागेश्वर धाम...। यही पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री रहते हैं...।
bageshwar dham location. मध्यप्रदेश के बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मिलने के लिए भक्त हमेशा प्रयासरत रहते हैं। यही कारण है कि बड़ी संख्या में सैकड़ों भक्त अपने परिवार के साथ बागेश्वर धाम के लिए निकल पड़ते हैं। मध्यप्रदेश के भक्त तो छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम पहुंच जाते हैं, लेकिन देशभर में फैले कई भक्त उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में पहुंच जाते हैं। वहां पहुंचने के बाद उन्हें पता चलता है कि वे गलत आ गए।
patrika.com आपको बता रहा है कि बागेश्वर धाम का सही पता क्या है... और बागेश्वर धाम सरकार का मंदि किस जिले में हैं...।
स्थान को लेकर भ्रम की स्थिति
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम में पंडित धीरेंद्र शास्त्री रहते हैं और यहीं उनका स्थान भी है। लेकिन, कई लोग बागेश्वर धाम यानी उत्तराखंड जिले के बागेश्वर जिले को समझ रहे हैं और सीधे अपने वाहनों से हजारों किलोमीटर दूर स्थित उत्तराखंड के बागेश्वर धाम पहुंच जाते हैं। वहां पहुंचकर उन्हें पता चलता है कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का धाम तो मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में है। ऐसे ही कई लोगों के फोन उत्तराखंड की बागेश्वर कोतवाली पुलिस और बागनाथ मंदिर के पुजारी के पास आते हैं और उनसे बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मिलने के बारे में पूछते हैं। इसके बाद उन्हें बताया जाता है कि बागेश्वर धाम उत्तराखंड में नहीं, मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में हैं।
क्यों कर रहे हैं गलती
उत्तराखंड के बागेश्वर के कोतवाल ने मीडिया को बताया कि ज्यादातर लोग गूगल पर सर्च करते हैं और बागेश्वर के लिए निकल पड़ते हैं। इसके अलावा बागेश्वर कोतवाली का फोननंबर ढूंढकर फोन भी करते हैं। कई बार लोग भटककर उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में पहुंच जाते हैं। फिर लोगों के ढहराने की व्यवस्था के लिए पुलिस की मदद लेते हैं। कोतवाल ने बताया कि इतना ही नहीं दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु अपने साथ जो सामान लाते हैं, उनका सामान खो जाता है या बच्चे गुम हो जाते हैं। ऐसी शिकायते बागेश्वर पुलिस को करते हैं। बागेश्वर जिले के बागनाथ मंदिर के पुजारी भी कहते हैं कि मध्यप्रदेश के बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री से जुड़े कई फोन हमारे पास आते हैं। फिर हम उन्हें बताते हैं कि आप उत्तराखंड का बागेश्वर जिले में फोन लगा दिया है या आप उत्तराखंड आ गए हैं।
कोतवाल कहते हैं कि भक्त जब परिवार के साथ दर्शनों के लिए निकलते हैं तो उन्हें पूरी तरह से प्लानिंग करके निकलना चाहिए। अपने गंतव्य स्थान पर जाने, रुकने और रास्तों की जानकारी पहले से पता कर लेना चाहिए। अन्यथा प्रशासन को भी परेशान होना पड़ता है और भक्त खुद भी परिवार सहित परेशान होते हैं।
कैसे जाएं बागेश्वर धाम
बागेश्वर धाम मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थिति है। आपको पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बागेश्वर धाम आना हो तो मध्यप्रदेश के छतरपुर आना चाहिए। यहां हनुमानजी का प्रसिद्ध मंदिर है। यहीं पर अर्जी लगाई जाती है। धीरेन्द्र कृष्ण की ओर से टोकन के माध्यम से समस्याओं का निराकरण किया जाता है। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में पहुंचने के लिए आपको कई शहरों से सीधी ट्रेन मिल जाएंगी। यहां के लिए कई जिलों से बस भी चलती हैं। यहां का नजदीकी हवाई अड्डा खजुराहो, दतिया, जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर है।
उत्तराखंड का बागेश्वर जिला
अधिकतर लोग गलती से उत्तराखंड पहुंच जाते हैं। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के बागेश्वर जिला हैं। इसके पूर्व में पिथौरागढ़, पश्चिम में चमोली और दक्षिण में अलमोड़ा जिला है। बागेश्वर जिले की स्थापना 15 सितंबर 1996 को अल्मोड़ा के उत्तरी क्षत्रों से की गई थी। यहां भी कई प्राचीन मंदिर हैं, जिनकी अपनी ख्याति है। यहां गोमती नदी के किनारे यह जिला मंदिरों के लिए विख्यात है। यहां बैजनाथ मंदिर, बागनाथ मंदिर चंडीका बागेश्वर, श्रीहरु मंदिर, गौरिमंदर बागेश्वर, कोटभ्रांमरी व नन्दा मंदिर, पांडुस्थल, भद्रकाली आदि मंदिर हैं।