
अपने नाम पर ट्रांसफर करवा सकते हैं अपने परिजनों के नाम का एलपीजी गैस कनेक्शन
छतरपुर। कई बार नौकरी बदल जाने ट्रांसफर होने पर हमें एक शहर से दूसरे शहर जाना पड़ सकता है। ऐसे ही अगर किराए पर घर बदल रहे हैं तो एड्रेस बदल जाता है। ऐसे में एलपीजी कनेक्शन भी ट्रांसफर कराने की जरूरत होती है। पहले इस काम में थोड़ी मुश्किल होती थी। लेकिन अब एलपीजी कंपनियों ने यह प्रॉसेस बेहद आसान कर दिया है। इतना ही नहीं आप अपने घर के किसी दूसरे सदस्य के नाम भी अपना कनेक्शन ट्रांसफर करा सकते है। हाल ही में पेट्रोलियम कंपनियों ने एलपीजी गैस कनेक्शन के ट्रांसफर कराने को लेकर नियम में संशोधन किया है। नियमों के अनुसार अब कोई भी व्यक्ति अपने नाम का गैस कनेक्शन आपसी सहमति से दूसरे के नाम ट्रांसफर करा सकता है। गैस एजेंसियों पर पहले यह सुविधा नहीं थी। केवल अपने संबंधी और परिचितों के नाम ही गैस कनेक्शन ट्रांसफर कराया जा सकता था। जबकि अब कोई भी व्यक्ति किसी अन्य को कनेक्शन ट्रांसफर कर सकता है। अगर उसे कनेक्शन की जरूरत नहीं है, तो इसके लिए उसे बाकायदा शपथ पत्र देकर प्रमाणित भी करना होगा कि वह किन वजहों से अपना कनेक्शन दूसरे को ट्रांसफर करना चाहता है। अब बड़ी ही आसानी से आपका एलपीजी कनेक्शन ट्रांसफर हो जाएगा।
जानिए कैसे ले सकते हैं इसका लाभ :-
राशि गैस एजेंसी पर जमा करानी होगी :
गैस कनेक्शन ट्रांसफर के बाद पूर्व में जमा सिक्योरिटी राशि वर्तमान कनेक्शन सिक्योरिटी राशि के बीच के अंतर की राशि गैस एजेंसी पर जमा करानी होगी। गैस एजेंसियों पर डीबीटीएल योजना में रजिस्ट्रेशन कराने के अलावा दूसरे का गैस कनेक्शन अपने नाम पर कराने वाले एजेंसी पर पहुंच रहे हैं। ये वह उपभोक्ता हैं जो अलग-अलग कारणों से अपने किसी पड़ोसी या परिचित के सिलेंडर डायरी का उपयोग कर रहे थे। जब से डीबीटीएल स्कीम शुरू हुई है। इन लोगों को सरकारी सब्सिडी वास्तविक कनेक्शनधारी के खाते में जाने का डर सताने लगा है इसलिए अब वह इसे अपने नाम पर करा रहे हैं।
बच्चे के नाम कैसे ट्रांसफर कराएं गैस कनेक्शन :
घर के किसी भी सदस्य के नाम पर गैस कनेक्शन ट्रांसफर कराना अब आसान हो गया है। अगर जिसके नाम पर आप ट्रांसफर करना चाहते हैं उसके पास एलपीजी कनेक्शन नहीं है तो इस स्थिति में डिस्ट्रिब्यूटर को रिक्वेस्ट डालें और
ये दस्तावेज होना हैं अनिवार्य :
- ट्रांसफर का केवाइसी पहचान संबंधी प्रमाणपत्र जैसे आधारकार्ड, पैनकार्ड, पते का प्रमाण।
- आप के नाम पर असल सब्सक्रिप्शन वाउचर्स (एसवी) यदि एसवी नहीं है तो हलफनामा जमा कराएं।
ट्रांसफर की ओर से डेक्लेरेशन :
दस्तावेज जमा करने के बाद कंपनी केवाइसी वैरिफाई करेगी, ट्रांसफर के लिए दिए गए पते पर विभिन्न कनेक्शन की जांच की जाएगी। उसके बाद डिस्ट्रिब्यूटर ट्रांसफरी के नाम पर एक नया एसवी बनाएगी। सिक्योरिटी डिपॉजिट असल एसवी के जितनी ही रहेगी।
परिवार के मुखिया की मृत्यु की स्थिति में :
अगर परिवार के मुखिया (जिसके नाम पर गैस का कनेक्शन है) की मृत्यु हो चुकी है और आप कानूनी रुप से उत्तराधिकारी है तो अपने नाम पर ट्रांसफर कराने के लिए प्रक्रिया का पालन करना होगा। हालांकि अब गैस कनेक्शन को ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया को और आसान बना दिया गया है। यदि ट्रांसफर के नाम पर एलपीजी कनेक्शन नहीं है तो अपने डिस्ट्रिब्य़ूटर को आवेदन करें।
इन दस्तावेजों को जमा कराएं :
- उत्तराधिकारी की ओर से घोषणा।
- डेथ सर्टिफिकेट की कॉपी।
- उत्तराधिकारी का केवाइसी।
- पते का प्रमाण पत्र।
- मृत व्यक्ति के नाम पर असल एसवी, एसवी न होने की स्थिति में हलफनामा जमा कराएं।
- केवाइसी वैरिफाई किया जाएगा, ट्रांसफर के लिए दिए गए पते पर विभिन्न कनेक्शन की जांच की जाएगी उसके बाद डिस्ट्रिब्यूटर ट्रांसफरी के नाम पर एक नया एसवी बनाएगी।
- सिक्योरिटी डिपॉजिट असल एसवी के जितनी ही रहेगी।
इसलिए किया गया नियमों में बदलाव :
पहले तक सिर्फ अपने परिवार के सदस्य और नजदीकी का गैस सिलेंडर ही ट्रांसफर किया जाता था। नियमों में बदलाव इसलिए किया गया, क्योंकि डीबीटीएल के वास्तविक उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिल सके। क्योंकि शहरी क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं, जो दूसरे लोगों के कनेक्शन पर अपने घर की रसोई जलाते थे। नई व्यवस्था के तहत अब कोई भी व्यक्ति अपना गैस कनेक्शन दूसरे के नाम ट्रांसफर करा सकता है। इसके लिए दोनों को एजेंसी पर शपथ पत्र के साथ डिफरेंस की राशि जमा करानी होगी।
ट्रांसफर के बाद नहीं ले सकते दूसरा कनेक्शन :
इस योजना में एक बार कनेक्शन लेने के बाद किसी कारणवस उसे दूसरे व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर करा देता है तो इसके बाद कहीं भी दूसरा गैस कनेक्शन नहीं ले सकता है। एजेंसी संचालकों ने बताया कि कर्ई ग्राहकों का शहर के किसी अन्य स्थानों में ट्रांसफर होने के बाद वह इस योजना के तहत पडोसियों और रिस्तेदारों के नाम पर कनेक्शन ट्रांसफर कराने आ रहे हैं लेकिन उन्हें अन्य जगह पर दूसरा कनेक्शन नहीं मिलने की जानकारी के बाद उसी कनेक्शन को अन्य स्थान पर ट्रांसफर करा रहे हैं।
इनका कहना है :
अब नए नियम के तहत कोई भी उपभोक्ता गैस कनेक्शन आपसी सहमति से किसी के भी नाम कर सकता है। इसके लिए एक शपथ-पत्र गैस कनेक्शन ट्रांसफर कराने वाले व्यक्ति देगा। इसमें उसे बताना होगा कि उसके नाम से अब कोई कनेक्शन नहीं है। वहीं दूसरा शपथ-पत्र वह देगा, जिसे कनेक्शन दूसरे के नाम कराना है।
- मनोज जैन, स्वरूप गैस एजेंसी छतरपुर
Published on:
07 Apr 2019 05:00 am
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