जिले में 17 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए नए मतदाताओं में जिनता उत्साह है उतना ही शतायुपार बुजुर्गाे में भी है।
छिंदवाड़ा/लिंगा. जिले में 17 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए नए मतदाताओं में जिनता उत्साह है उतना ही शतायुपार बुजुर्गाे में भी है।
जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर ग्राम पंचायत गोरेघाट के कालीरात धाम निवासी मतदाता चंदन सिंह डेहरिया की उम्र 102 साल है। उन्होंने चुनाव में मतदान को लेकर अपने अनुभव साझा किए।
कई किलोमीटर पैदल जाते थे मतदान करने
उन्होंने बताया कि पहले के चुनाव साधारण और शांतिपूर्ण तरीके से होते थे। प्रचार प्रसार के संसाधन भी कम थे। लेकिन आधुनिक जमाना है शोर शराबा ज्यादा होता है। संसाधन बढऩे से हुडदंगबाजी भी बढ़ गई है। पहले की चुनाव प्रक्रिया और अब में काफी परिवर्तन आ चुका हैं। पहले आवागमन के साधन कम होने की वजह से कई किलोमीटर तक वोट डालने पैदल ही चले जाते थे।
चुनाव में कौन-कौन प्रत्याशी है यह भी पता है
चंदन सिंह के पुत्र नारायण ने बताया कि वे अपने पिता को मतदान कराने ले जाते है लेकिन बार शासन 80 उम्र पार बुजुर्गो से घर पर मतदान करा रहा है तो घर पर ही मतदान करेंगे। 102 वर्ष के हो के बावजूद उन्हें यह पता है कि यह विधानसभा चुनाव है और आलउंसमेंट के जरिए प्रत्याशियों के नाम भी उन्हें पता है।
पहले नहीं होते थे मुद्दे
चंदन सिंह ने बताया कि पहले चुनाव में कोई विशेष मुद्दे नहीं होते थे। अब देखते ही देखते काफी बदलाव आ गया है। पहले ढोल-बाजे व साउंड सिस्टम नहीं होते थे। चार-छह लोग जनसम्पर्क के लिए निकलते थे। वहीं प्रत्याशी बैलगाड़ी, घोड़ागाड़ी का उपयोग करते थे। लेकिन अब समय बदल गया है। ढोल नगाड़ों के साथ लाउंडस्पीकर, शोर शराबा अधिक बढ़ गया है। अब तो यह भी याद नहींं कि उस समय कौन चुनाव लड़ा था और कौन जीता था लेकिन मतदान करने जरूर जाते थे।