छिंदवाड़ा. केंद्र सरकार के इस खरीफ में नए नियमों के साथ किसानों के लिए फसल बीमा योजना लागू करने के परिणाम अच्छे आ रहे हैं। सेंट्रल मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक ने इस सीजन में पूरे प्रदेश की 716 करोड़ की फसलों का बीमा कराया है। यह बीमा लगभग चार लाख हैक्टेयर क्षेत्र में लगी फसलों का किया गया है। इसके लिए राज्य शासन द्वारा अधिकृत बीमा कम्पनियों को 14 करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रीमियम का भुगतान भी बैंक ने कर दिया है।
खास बात यह कि जिन किसानों ने बैंक से कोई ऋण नहीं लिया है उन किसानों की दो लाख 80 हजार हैक्टेयर में बोई फसलों को बीमित किया गया है जो बैंक से लोन लेने वाले किसानों की जमीन से लगभग एक लाख 62 हजार हैक्टेयर ज्यादा है।
बैंक की प्रदेश के 25 जिलों में 455 शाखाएं हैं। बैंक के अधिकारियेां का कहना है कि इस फसल बीमा से किसानों को प्राकृतिक आपदा से हानि होने पर बीमा कम्पनी से क्षतिपूर्ति मिल सकेगी।
इस बार अऋणी किसानों पर विशेष फोकस किया गया है क्योंकि जो किसान बैंक से लोन लेते हैं उनकी फसलें तो बीमित हो जाती हैं। अऋणी किसानों को भी आपदा में नष्ट हुई फसलों की क्षतिपूर्ति मिले इसलिए उन्हें योजना से जोडऩे विशेष अभियान चलाया गया। इसके अच्छे परिणाम दिखे।
प्रदेश में खेती का ब्योरा और बीमित फसल
ऋणी किसानों की बीमित फसलें
1 लाख 18 हजार 133 हैक्टेयर
अऋणी किसानों की बीमित फसलें-
2 लाख 80 हजार 242 हेक्टेयर
रबी सीजन के लिए होंगे प्रयास
हमारी कोशिश रही है कि ज्यादा से
ज्यादा किसानों की फसलों का बीमा हो खासकर दूरस्थ ग्रामीण के किसानों का।
हमने सफलता पाई है। रबी सीजन में भी पात्र किसानों को बीमा योजना से जोडऩे
का प्रयास है।
विवेक कुमार, अध्यक्ष, सेंट्रल मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक