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आभा कार्ड: नागपुर- हैदराबाद समेत कहीं भी इलाज कराने जाओ, ये मिलेगी सुविधाएं

अब हर नागरिक का बनेगा आभा आईडी कार्ड, डॉक्टर पुराने इलाज देखकर कर सकेंगे इलाज

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छिंदवाड़ा. नागपुर, हैदराबाद, भोपाल, दिल्ली समेत देश के किसी भी कोने में इलाज कराने जाओ तो अब पुरानी मेडिकल फाइल लेकर जाने की झंझट खत्म होगी। केवल आभा आइडी कार्ड की जानकारी देखकर डॉक्टर आगे का इलाज कर सकेंगे।
जिले की आबादी इस समय करीब 23.50 लाख है। जिसमें पांच से एक व्यक्ति कहीं न कहीं शुगर, ब्लड प्रेशर से लेकर टीबी, कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीडि़त है। जिनका इलाज उपस्वास्थ्य केन्द्र से लेकर जिला अस्पताल पर निर्भर है। इसके अलावा नागपुर, हैदराबाद, भोपाल, दिल्ली तक लोग इलाज कराने पहुंचते हैं। इस दौरान हर व्यक्ति को अपनी बीमारी, इलाज से संबंधित मेडिकल फाइल सुरक्षित रखनी पड़ती है। केन्द्र सरकार की डिजिटल हेल्थ कार्ड यानी आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट से अब ये फाइल कहीं भी ले जाने की जरूरत नहीं होगी। जिले में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत शुरू किया गया है।
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कार्ड बताएगा कब बीमार, कब हुआ इलाज
इस डिजिटल कार्ड होता है, जिसमें आप अपने सारे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित करके रख सकते हैं। मतलब आप कब बीमार हुए, आपने किस डॉक्टर को दिखाया, क्या टेस्ट करवाएं आदि सब जानकारी होगी। डॉक्टर देख सकेगा कि आपने कहां कहां इलाज कराया है और इससे पहले आपको क्या क्या परेशानियां थी। आपने क्या दवाइयां खाई हैं। इससे आगे का इलाज भी आसान हो जाएगा।
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स्वास्थ्य योजनाओं का मिलेगा लाभ
जिन लोगों ने आभा कार्ड बनवाया है उनको स्वास्थ्य संबंधी सभी योजनाओं का लाभ मिलता है। 14 अंक वाले आईडी कार्ड से अपने हेल्थ से जुड़ी जानकारी डिजिटल तौर पर अस्पताल, क्लिनिक और बीमा कंपनियों के साथ शेयर कर सकते हैं।
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आइडी नंबर से कहीं भी लो जानकारी
आभा कार्ड बनने से सबसे बड़ा लाभ यह है कि मरीजों को इलाज से संबंधित कोई कागजात संभालकर रखने की जरुरत नहीं है। किसी भी अस्पताल से आभा पोर्टल में आईडी नंबर डालकर पुुरानी मेडिकल हिस्ट्री पता की जा सकेगी।
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हेल्प डेस्क के पास बनेगी आईडी
सिविल सर्जन ने जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग के ग्राउण्ड फ्लोर में हेल्प डेस्क के पास आभा आईडी बनाने के कक्ष बनवाया है। इसमें कोई भी व्यक्ति आधार कार्ड लेकर पहुंच जाए तो तुरंत ही आइडी बनाकर दे दी जाएगी। अस्पताल में 700 आईडी प्रतिदिन बनाने का लक्ष्य निर्धारित है।
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आभा आईडी बनाने का प्रतिदिन का लक्ष्य
उपस्वास्थ्य केन्द्र 100
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र 200
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र 500
जिला अस्पताल 700
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इनका कहना है...
जिले में हर व्यक्ति का आभा आइडी कार्ड बनाने का लक्ष्य मिला है। नवम्बर-दिसम्बर माह में इसका अभियान चलाया जाएगा। इससे लोग अपनी बीमारी से संबंधित पुरानी जानकारी, इलाज का डाटा कार्ड में सुरक्षित रखेंगे। इसके आधार पर डॉक्टर उनका आगे का इलाज कहीं भी कर पाएंगे।
-डॉ.एनके शास्त्री, सीएमएचओ छिंदवाड़ा।