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अपहरण के बाद आदिवासी युवती से जबरन विवाह और दुष्कर्म

गुलाबी गैंग ने लगाए सात लोगों पर गंभीर आरोप, शिकायत के बाद पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

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जिले में एक आदिवासी युवती के अपहरण और जबरन विवाह का मामला सामने आया है। गुलाबी गैंग ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस मामले में सात लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही उन्होंने पुलिस पर एफआइआर दर्ज न करने का भी आरोप लगाया है। गुलाबी गैंग की सदस्य पूर्णिमा वर्मा ने बताया कि एक जून 2025 को एक आदिवासी युवती अचानक लापता हो गई थी। परिवार के लोगों ने 2 जून को देहात थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रेस कांफ्रेंस में पीडि़ता खुद भी मौजूद रही और उसने पूरी घटना की जानकारी दी।

युवती ने बताया कि वह एक वेयरहाउस में काम करती है। घटना वाले दिन वह शाम छह बजे घरेलू सामान खरीदने बाजार गई थी, जहां से लौटते समय बाइक सवार दो युवकों ने जबरन उसका अपहरण कर लिया। पीडि़ता के अनुसार, अगले दिन सुबह 9 बजे उसे मारपीट कर एक चौपहिया वाहन में बैठाया गया और पातालेश्वर मंदिर ले जाकर जबरन विवाह कराया गया। इसके बाद उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया, जहां किसी से मिलने या परिजनों से बात करने की अनुमति नहीं दी गई।

युवती ने आरोप लगाया कि शादी करने वाले युवक ने 12 दिनों तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाकर लगातार प्रताडि़त किया और उसे जान से मारने की धमकी दी। गुलाबी गैंग का आरोप है कि युवती द्वारा देहात थाने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। संगठन ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पीडि़ता को न्याय दिलाने की मांग की है। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान यह मांग भी की गई कि सभी आरोपियों पर सख्त कार्रवाई
की जाए और पीडि़ता को उचित सुरक्षा प्रदान की जाए।

देहात टीआई गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि गुमशुदगी की शिकायत के बाद युवती मिल गई थी जिसे परिजनों को सौंप दिया गया था। अब जो नई बात सामने आ रही है उसकी भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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