
Due to non-receipt of octroi compensation, the employees were deprived of salary.
छिन्दवाड़ा/परासिया. वेकोलि कामगारों की दशहरा से पहले ही दीवाली हो गई। सालाना बोनस, तिमाही बोनस और माह का वेतन तीनों एक साथ कामगारों के खाते में पहुंच गया है। कोयलांचल के बाजार में इसका असर देखने को मिलेगा। कोल इंडिया के कामगारों को वर्ष 2021-22 की सालाना बोनस राशि 76,500 रुपए तय हुई, जो दशहरा से पहले ही कामगारों के खातों में पहुंच गई। वहीं तीन माह के बोनस के साथ वेतन की राशि भी कामगारों के खातों में पहुंच गई है। अब दशहरा- धनतेरस- दीपावली पर बाजार में पैसा बरसेगा। नवरात्र पर जेबीसीसीआई- वेतन समझौता बोर्ड का सालाना बोनस को लेकर आए निर्णय से कोयला खदान कामगारों और उनके परिवार के चेहरे पर चमक आ गई है। कोल इंडिया की विभिन्न कम्पनियों में कार्यरत कामगारों सहित वेकोलि के पेंच-कन्हान क्षेत्र में पदस्थ लगभग 4 हजार, 788 कामगारों को इसका लाभ मिलेगा। जिससे कोयलांचल में दशहरा तक दीपावली तक बाजारों में जमकर रौनक रहेगी। श्रमिक नेताओं के अनुसार अधिकांश कामगार अपने पैसों का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, व्यवसाय, प्रापर्टी और डिपाजिट करने में करेेेंगे। कोयला खदानों में कार्यरत ठेका मजदूरों को दीपावली के पहले बोनस राशि मिलेगी, किन्तु यह कितनी और कब मिलेगी। यह तय नहीं हुआ है। इसके लिए उच्च स्तर पर बैठकों को दौर जारी है। सनद रहे कि कोयलांचल में लगभग एक हजार से अधिक कोयला मजदूर कार्यरत हैं। इस वर्ष चार हजार की वृद्धि - इस वर्ष भी बोनस में 4 हजार रुपए की वृद्धि हुई है। दस साल पहले 2012 में 26 हजार रुपए बोनस मिला था। उसके बाद वर्ष 2013 में 31,500 रु., वर्ष 2014 में 40 हजार रु., वर्ष 2015 में 48,500 रु., वर्ष 2016 में 54 हजार रु., वर्ष 2017 में 57 हजार रु., 2018 में 60,500 रु., वर्ष 2019 में 64,700 रु., वर्ष 2020 में 68,500 रु. और पिछले वर्ष 2021 में 72,500 रुपए बोनस मिला है। इस तरह वर्ष 2014 और 15 में कामगारों को 8,500 रु. बोनस वृद्धि मिली थी।
Published on:
06 Oct 2022 10:39 pm
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