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शासकीय विभाग में कार्यरत पति-पत्नि शासन को ऐसे लगा रहे चूना

विभाग को कर रहे गुमराह, पति-पत्नी शासन से ले रहे मकान भत्ता का लाभ

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Benefits of House Allowance taking place from husband and wife rule

शासकीय विभाग में कार्यरत पति-पत्नि शासन को ऐसे लगा रहे चूना

छिंदवाड़ा. शिक्षा विभाग अंतर्गत जिले में कार्यरत अनेक पति-पत्नी शासन को गुमराह कर अलग-अलग गृह भाड़ा भत्ता ले रहे है। जबकि एक ही शहर में दोनों शासकीय कर्मचारी कार्यरत है। बताया जाता है कि इस खेल में दम्पतियों के साथ-साथ बाबूओं का भी पूरा योगदान रहता है। जानकारी होने के बावजूद बेखौफ यह कार्य किया जाता है। शासन के नियमानुसार यदि पति-पत्नी दोनों शासकीय सेवा में है, तो दोनों में से किसी एक को ही उक्त योजना का लाभ मिल सकता है।

जबकि शासकीय निवास में रहने पर गृह भाड़ा नहीं दिया जाता है। हालांकि पति या पत्नी अलग-अलग शहर में पदस्थ हो तो दोनों को भत्ता मिल सकता है। मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ छिंदवाड़ा के जिलाध्यक्ष मुकेश खरे व सचिव एचआर महोबे ने बताया कि जिले के कई कर्मचारी एेसे भी है, जिन्हें शासन से मकान भाड़ा भत्ता नहीं मिल रहा है।

इसकी शिकायत करने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कुछ दम्पती एक ही स्थान पर कार्यरत रहने की सूचना विभाग को देते है, लेकिन बाबूओं की मनमानी से हर माह शासन को चूना लगाया जा रहा है। इधर संगठन के पदाधिकारियों ने शासन से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।


एक्सपर्ट व्यू - शासन के नियमानुसार


शासकीय संस्थाओं में कार्यरत दम्पती में किसी एक को ही मकान किराया भत्ता की पात्रता होती है। लेकिन इसके लिए दोनों का एक ही शहर में रहना आवश्यक है। यह भत्ता किराए अथवा स्वयं के मकान में रहने पर भी मिलता है। शहर की आबादी के आधार पर मकान किराया भत्ता तय होता है। जो कि कर्मचारी के बेसिक वेतन पर निर्धारित होता है। वर्तमान में छिंदवाड़ा मकान किराया भाड़ा दर 5 प्रतिशत है तथा जबलपुर का 10 प्रतिशत है।

बीएस गुजराल, प्रभारी लेखापाल, जिला अस्पताल


फिलहाल मामले में मुझे जानकारी नहीं है। इस संबंध में समस्त प्राचार्यों से जानकारी मांगी जाएगी तथा दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


आरएस बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी