छिंदवाड़ा. प्रदेश के कृषि मंत्री और जिले के प्रभारी गौरीशंकर बिसेन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष छिंदवाड़ा का प्रभार नहीं लेने की इच्छा जता चुके थे लेकिन स्थानीय भाजपा नेताओं ने सीएम को इसकी घुट्टी (अनुरोध किया) पिला दी। फिर सीएम के दबाव के चलते वे दोबारा इसे लेने को राजी हुए। इस बात का खुलासा स्वयं बिसेन ने सोमवार को सर्किट हाउस में आयोजित नव वर्ष मिलन समारोह में किया।पत्रिका
उन्होंने बताया कि 65 वर्ष की आयु पूरा होने से वे अधिक जिलों का प्रभार नहीं चाहते थे। छिंदवाड़ा का प्रभार छोडऩा भी उनके मन में था। स्थानीय भाजपा नेता उन्हें चाहते हैं। इसके चलते वे इस अनुरोध टाल नहीं पाए। मंत्री ने बताया कि उनके पास ग्वालियर और डिंडोरी का भी प्रभार है। मंत्री ने अपनी निजी जिंदगी की व्यस्तता का खुलासा भी किया। साथ ही सरकार की मंशा के बारे में जानकारी दी।पत्रिका
चंद्रभान आए लेट, फिर गले मिले
प्रभारी मंत्री और स्थानीय विधायक चौधरी चंद्रभान सिंह के संबंधों में तनाव की खबरें रही है। प्रभारी मंत्री मंच पर बोलने लगे, तब तक चंद्रभान नहीं आए थे। उपस्थित लोग इसे यहीं मानकर चल रहे थे। बाद में चंद्रभान आए और मंत्री के संबोधन के दौरान ही उन्हें शुभकामनाएं दी और गले मिले। इसके बाद प्रेस कान्फ्रेंस भी हुई, जिसमें विधायक शामिल नहीं हुए और बाहर ही खड़े रहे।