छिंदवाड़ा. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत परासिया विकासखंड के ग्राम मारई में बनाई हाईस्कूल की बिल्डिंग में दरार आ गई है तथा बारिश का पानी भी सीपेज होने लगा है। जबकि बिल्डिंग जनवरी 2016 में ही विभाग को हैंडओवर की गई है।
बताया जाता है कि शाला भवन के निर्माण आरईएस के मार्गदर्शन में किया गया है। नवीन निर्माण में ही एेसी स्थिति बनने से भवन के गुणवत्ता पर प्रश्न चिह्न लगाया जा रहा है। वर्तमान में परिसर में तीन शालाए लगाई जा रही हैं, जिसमें हाई स्कूल में 233, माध्यमिक स्कूल में 143 तथा प्राइमरी स्कूल में 70 बच्चे अध्ययनरत हैं।
इसी तरह क्रमश: तीनों स्कूलों में सात, पांच तथा तीन शिक्षक कार्यरत हंै। प्रभारी प्राचार्य पीसी ढाकरिया ने बताया कि शासन के निर्देश पर भवन का हैंडओवर लिया है। इसकी तकनीकी समस्या और गुणवत्ता की जानकारी इंजीनियर द्वारा ही स्पष्ट की जा सकती है।
शाला लगाने को मजबूर प्रबंधन
बताया जाता है कि पूर्व में हाईस्कूल मारई जर्जर भवन में लगता था। समस्या को देखते हुए स्कूल प्रबंधन पुरानी बिल्डिंग को डिस्मेंटल कर नए भवन निर्माण के लिए शिक्षा विभाग से मांग की थी। जिसके चलते विभाग ने लाखों रुपए की मद से मारई में नया भवन निर्माण कराया था। जिसमें कई प्रकार की खामिया होने पर शाला प्रबंधन को मजबूरन विद्यार्थियों को यहां पढ़ाना पड़ रहा है।
ठेेकेदार का भुगतान रोका गया है
मारई हाईस्कूल का निर्माण करने वाले ठेकेदार का भुगतान रोका गया है तथा मामले की जांच कराकर रिपोर्ट मंगवाई जाएगी।
राजीव साठे, आरएमएसए (जिला शिक्षा कार्यालय)