छिंदवाड़ा

सडक़ किनारे पड़े हैं नक्काशी किए हुए स्तम्भ

मां हिंगलाज मंदिर के स्वागत द्वार का काम एमपीआरडीसी की ओर से मंजूरी नहीं मिलने के कारण अटका हुआ है। विधायक सोहन वाल्मीकि ने स्वागत द्वार निर्माण के लिए विधायक निधि से 28 लाख रुपए मंजूर किए थे। मकराना के पत्थरों से नक्काशी का भव्य स्वागत द्वार का निर्माण किया जाना था। एक वर्ष पूर्व 19 फरवरी को भूमिपूजन किया गया ।

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Carved pillars lying on the side of the road

छिन्दवाड़ा/ परासिया. मां हिंगलाज मंदिर के स्वागत द्वार का काम एमपीआरडीसी की ओर से मंजूरी नहीं मिलने के कारण अटका हुआ है। मंदिर समिति एवं जनप्रतिनिधियों की मांग पर विधायक सोहन वाल्मीकि ने स्वागत द्वार निर्माण के लिए विधायक निधि से 28 लाख रुपए मंजूर किए थे। मकराना के पत्थरों से नक्कासी का भव्य स्वागत द्वार का निर्माण किया जाना था। एक वर्ष पूर्व 19 फरवरी को भूमिपूजन किया गया । फिलहाल स्वागत द्वार के लिए लाए गए पत्थर तथा निर्माण सामग्री सडक़ किनारे पडी हुई है। एमपीआरडीसी के स्वीकृति नहीं देने के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है।जनपद सदस्य गुलशान अली कहती हैं कि सभी को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर भव्य स्वागत प्रवेश द्वार निर्माण में अवरोध को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। विधायक कहते है कि मां हिंगलाज मंदिर शक्ति एवं आस्था का केन्द्र है। पूरे वर्ष श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है। भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए विधायक निधि से स्वागत द्वार बनाने के लिये राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन एमपीआरडीसी के अंडग़ेबाजी के कारण स्वागत द्वार नही बन पा रहा है।

Published on:
20 Feb 2023 10:34 pm
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