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सज-धजकर इठलाती रहीं बैल जोडि़यां

लोक संस्कति : पोला पर दशहरा मैदान में हुआ मुख्य समारोह

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Celebrated Pola festival with enthusiasm

Celebrated Pola festival with enthusiasm

छिंदवाड़ा. परंपरागत उत्साह के साथ रविवार को जिलेभर के किसानों ने पोला पर्व मनाया। शहर के दशहरा मैदान पर सज-धजकर बैलजोडि़यां इठलाती दिखीं। सींगों को रंगबिरंगी पन्नियों से सजाया गया तो शरीर पर अलग-अलग प्रकार के चिह्न उकेरे गए। नए कपड़े भी उन्हें ओढ़ाए गए। नई रस्सियों से बंधे ये बैल भी इठलाकर चल रहे थे।
खेती किसानी में लगे परिवारों में यह पर्व उत्साह का संचार करता है। महाराष्ट्र के साथ मध्यप्रदेश में भी इस पर्व को उत्साह के साथ मनाया जाता है। छिंदवाड़ा में इस पुरातन पर्व को भी उमंग भरे माहौल में मनाया गया। किसान अपनी बैलजोडि़यों को विशेष रूप से सजाकर पोला ग्राउंड पर लेकर पहुंचे थे।
सार्वजनिक पोला उत्सव समिति का यह नवां वर्ष था। दोपहर को माता मंदिर से गुडी यात्रा निकाली गई जो मराठी स्कूल और राज्यपाल चौक होते हुए आयोजन स्थल पर शाम पांच बजे पहुंची। यहां कपाले परिवार के सदस्यों ने परंपरागत तरीके से गुड़ी का पूजन किया। यहां राजेश कपाले, केशव कपाले, मानिक कपाले, गोविंद कपाले, यशवंत कपाले आदि का स्वागत किया गया। गुड़ी पूजन के बाद बैल जोडि़यों की पूजा अर्चना कर उन्हें गुड़ खिलाया गया। इसके बाद गुड़ी तोडऩे के लिए किसानों ने अपने बैल दौड़ाए।

परम्परा को सहेजने का प्रयास सराहनीय

मंच पर उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने इस प्राचीन परंपरा को सहेजने के लिए श्री सार्वजनिक पोला उत्सव समिति को बधाई दी। सभी ने कहा कि यह पर्व हमारी सांस्कृति एकता और समृद्धता को दिखाते हैं। समिति के अध्यक्ष विजय पांडे ने बताया कि महापौर कांता सदारंग, विभाग प्रचारक राघवेंद्रजी, भजनलाल चौपड़े, ठाकुर दौलतसिंह, दीपक सक्सेना, चौधरी गंभीरसिंह, रमेश पोफली, संजय सक्सेना, हरिओम सोनी, विश्वनाथ ओकटे, शेषराव यादव, आनंद बक्षी, विवेक बंटी साहू, विजय झांझरी सहित बड़ी संख्या में शहरवासी और आयोजन से जुड़े सदस्य मौजूद थे।

मैदान पर लगा मेला

पोला के आयोजन पर दशहरा मैदान में दोपहर से ही चहल-पहल शुरू हो गई थी। शाम चार बजते बजते तो मैदान में मेला लग चुका था। बच्चों के लिए खिलौनों के साथ झूले भी लगे। बड़ों के साथ बच्चे भी बैलजोडि़यों को देखकर प्रफुल्लित हुए और मेले का परिजन के साथ आनंद लिया। देर शाम तक यहां मेला लगा रहा।

विभागीय प्रदर्शनियां लगीं

जिला प्रशासन की ओर से इस मेले में पशु चिकित्सा विभाग, उद्यानिकी विभाग, कृषि विभाग और अनुसंधान केंद्र की तरफ से प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों को शासन और विभाग की योजनाओं, उपकरणों, दवाईयों के बारे में जानकारी दी गई। विभिन्न विभागों की तरफ से पशुपालकों को निशुल्क दवा और अन्य कृषि सामग्रियां भी वितरित की गई।