
Chana-Masoor was not purchased even on the last date
छिंदवाड़ा/ अमरवाड़ा. समर्थन मूल्य पर चना -मसूर की खरीदी की अंतिम तिथि छह जून को भी किसान निराश रहे। केंद्रों पर उपज बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन के बाद जिन किसानों ने मई माहके अंतिम सप्ताह में स्लाट बुक कराया था। वहां उपज तोलने की अंतिम तिथि 6 जून दी गई थी। किसान जब एक जून से अपनी उपज लेकर संबंधित सोसाइटी के खरीदी केंद्रों पर पहुंचे तो वहां खरीदी करने से इनकार कर दिया गया।यहां किसानों को बताया गया कि खरीद की अंतिम तिथि 31 मई थी। किसानों ने कहा कि रजिस्ट्रेशन बुक करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटरों ने निर्धारित प्रोफ ार्मा में तिथि 6 जून किस आधार पर दी थी। इसके बाद भी खरीद नहीं की गई। किसान अब अपनी फसल
को औने पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं।गत दिनों कृषि विभाग के उप संचालक को इस बारे में लिखित सूचना दी गई। मोबाइल पर बात करने की कोशिश की, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। दूसरी ओर कृषि विभाग की ओर से किसानों को खाद और यूरिया उपलब्ध कराया जा रहा है। अमरवाड़ा में अब तक दो खाद वितरण केंद्रों पर लगभग 3500 किसानों को 930 टन यूरिया एवं 386टन डीएपी का वितरण किया जा चुका है। शासकीय समितियों में 70 फीसद एवं प्राइवेट दुकानों में 30 फीसद यूरिया का अनुपात भी निर्धारित किया गया है। दोनों वितरण केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद का स्टॉक है। एक हाईवे के पास कृषि उपज मंडी में व दूसरा वितरण केंद्र हिबरासानी गोदाम पर है। यहां किसानों को टोकन नंबर के हिसाब से ही किसानों को खाद दिया जा रहा है ताकि किसान परेशान नहीं हो। एक दिन नें 150 किसान आसानी से खाद प्राप्त कर सकते हैं। यहां छाया व पानी की व्यवस्था भी की गई है। वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी अनीता डेहरिया ने बताया कि यूरिया 266.50 प्रति बोरी व डीएपी 1350 रुपए में दी जा रही है। एक एकड़ जमीन के लिए 2 बोरी यूरिया और एक बोरी डीएपी का प्रावधान है। डेहरिया ने बताया कि मंगलवार से सिंगोडी में भी नगद खाद विक्रय केंद्र का शुभारंभ किया गया है।
Published on:
07 Jun 2023 09:18 pm
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