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24 वार्डों के बच्चे शिक्षा के अधिकार से वंचित

राज्य शिक्षा केन्द्र ने इस साल स्वयं स्कूलों की जिओ टैगिंग की है , जिससे स्कूलों के एक किमी की परिधि के वार्डों के बच्चे ही इसका लाभ ले पा रहे हे। इस मामले में कई पालक जनपद शिक्षा केन्द्र पहुंचे व अधिकारियों से सवाल किए। जनपद शिक्षा केन्द्र के अनुसार यह व्यवस्था राज्य केन्द्र से हुई है।

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Children of 24 wards deprived of right to education

छिन्दवाड़ा/पांढुर्ना. निशुल्क बाल शिक्षा का अधिकार कानून के तहत ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में इस साल 24 वार्ड वंचित रह जाएंगे। इसका लाभ सिर्फ छह वार्डों को ही मिलेगा। तीन दिन पहले प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हुई है। २५ मार्च अंतिम तिथि है। राज्य शिक्षा केन्द्र ने इस साल स्वयं स्कूलों की जिओ टैगिंग की है , जिससे स्कूलों के एक किमी की परिधि के वार्डों के बच्चे ही इसका लाभ ले पा रहे हे। इस मामले में कई पालक जनपद शिक्षा केन्द्र पहुंचे व अधिकारियों से सवाल किए। जनपद शिक्षा केन्द्र के अनुसार यह व्यवस्था राज्य केन्द्र से हुई है। इससे ३० में से 24 वार्डों के बच्चे प्रवेश से वंचित रह गए हैं। बीआरसी लहु सरोदे का कहना है कि पूरे मामले से जिला शिक्षा अधिकारी को अवगत करा दिया है। पिछले साल तक जनपद शिक्षा केन्द्र से जिओ टैगिंग होती थी। तब सभी 30 वार्ड को लाभ मिलता था। इस साल राज्य केन्द्र की ओर से टैग करने से समस्या बढ़ गई है। तिलक वार्ड, टेकड़ी वार्ड, सांवरगांव पेठ, खारी वार्ड, संत रविदास वार्ड, मेघनाथ वार्ड, वसई वार्ड, राधाकृष्ण वार्ड, जाटबा वार्ड, गुरूदेव वार्ड, पेवठा वार्ड में गरीब वर्ग अधिक संख्या में रहता है। इन वार्डों के बच्चों को निजी
स्कूलों में निशुल्क शिक्षा का लाभ नहीं मिल पाएगा।

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